उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल — कई जिलों के डीएम बदले, प्रशासनिक ढांचे में नई नियुक्तियाँ-Newsnetra
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने शनिवार देर रात प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। राज्य की ब्यूरोक्रेसी में यह बदलाव कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। कई जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदले गए हैं, वहीं कुछ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों से प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी भी हटा ली गई है।
सबसे बड़ा बदलाव नैनीताल जिले में हुआ है, जहां आईएएस वंदना सिंह की जगह अब ललित मोहन रयाल को नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वंदना सिंह को नए दायित्व के लिए प्रतीक्षा में रखा गया है। ललित मोहन रयाल पूर्व में भी प्रशासनिक अनुभव वाले अधिकारी हैं और उन्हें एक बार फिर जिले की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा, सरकार ने सचिवालय स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए हैं। आईएएस दिलीप जावलकर से सचिव ग्राम विकास एवं ग्रामीण निर्माण विभाग की जिम्मेदारी वापस ली गई है। यह विभाग अब किसी अन्य अधिकारी को सौंपा जाएगा।
इसी तरह, डॉ. बी.सी.आर.सी. पुरुषोत्तम से निदेशक मत्स्य विभाग का कार्यभार हटा लिया गया है। पुरुषोत्तम फिलहाल अपने अन्य विभागीय कार्यों का संचालन जारी रखेंगे।
वहीं, आईएएस चंद्रेश कुमार यादव से सचिव पंचायती राज विभाग और आयुक्त खाद्य पद की जिम्मेदारी भी हटा दी गई है। माना जा रहा है कि इन विभागों में जल्द ही नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
प्रशासनिक फेरबदल की इस कवायद को सरकार द्वारा आगामी महीनों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और बेहतर प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता सूची में शासन-प्रशासन में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देना शीर्ष पर है, और इसी कड़ी में यह बड़ा कदम उठाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य जिलों और विभागों में भी कुछ और तबादले संभव हैं, ताकि प्रदेश में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सके।
📌 मुख्य बिंदु:
वंदना सिंह की जगह ललित मोहन रयाल बने नैनीताल के नए डीएम।
दिलीप जावलकर से सचिव ग्राम विकास एवं ग्रामीण निर्माण विभाग हटाया गया।
डॉ. बी.सी.आर.सी. पुरुषोत्तम से निदेशक मत्स्य पद का कार्यभार लिया गया।
चंद्रेश कुमार यादव से सचिव पंचायती राज व आयुक्त खाद्य पद की जिम्मेदारी हटाई गई।
प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य शासन की कार्यक्षमता में सुधार।






