स्वास्थ्य सुविधाओं को लगे पंख: एम्स ऋषिकेश में हर साल बढ़ रही ओपीडी, 63 लाख से अधिक मरीजों का पंजीकरण-Newsnetra
- स्वास्थ्य सुविधाओं को लगे पंख, हर साल बढ़ रही एम्स की ओपीडी
- बनाया रिकाॅर्ड, 63 लाख से अधिक रोगियों का हो चुका है पंजीकरण
- भर्ती मरीजों का भी बढ़ा ग्राफ, अब तक 4 लाख 77 हजार हुई आईपीडी संख्या
एम्स ऋषिकेश
16 अप्रैल, 2026
अत्याधुनिक तकनीक आधारित स्वास्थ्य सुविधाएं और कम लागत पर उच्च स्तरीय इलाज का परिणाम है कि एम्स ऋषिकेश में ओपीडी की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। संस्थान की स्वास्थ्य सुविधाओं पर यह आम लोगों द्वारा जताया गया भरोसा ही है कि वर्ष 2025 में एक साल के दौरान ही एम्स में 7 लाख 89 हजार रोगी ओपीडी में देखे गए हैं। जबकि अस्पताल के संचालन से तक ओपीडी में पंजीकृत कुल रोगियों की यह संख्या 63 लाख से अधिक पंहुच चुकी है।


वर्ष 2013 में मैनुअली रजिस्टर में रोगी का नाम अंकित करने की व्यवस्था से शुरू हुआ एम्स ऋषिकेश की ओपीडी सेवाओं का सफर वर्तमान में ऑनलाईन अपाइंटमेंट लेने की तकनीक आधारित प्रक्रिया तक पंहुच चुका है। कंप्यूटर आधारित व्यवस्था न होने के कारण शुरू में रजिस्टर पर ही रोगी का नाम और पता लिखे जाते थे। लेकिन आज पंजीकरण का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब कंप्यूटर आधारित रोगी पंजीकरण व्यवस्था के साथ ही कोई भी व्यक्ति घर बैठे भी ऑन लाईन तकनीक का इस्तेमाल कर डाॅक्टर से अपाॅन्टमेंट ले सकता है। साल दर साल स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हुईं तो ओपीडी में रोगियों की संख्या भी बढ़ती चली गयी। परिणाम यह रहा कि ओपीडी शुरू होने से 31 मार्च 2026 तक एम्स ऋषिकेश में 63 लाख 13 हजार 955 लोग स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा चुके हैं। जबकि आईपीडी (भर्ती मरीजों) की संख्या का यह आंकड़ा 4 लाख 77 हजार 432 तक पहुँच गया है। इनमें न केवल उत्तराखण्ड बल्कि हिमाचल, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, बिहार और नेपाल तक के रोगी भी शामिल हैं। दैनिक तौर पर ओपीडी के आंकड़ों को देखा जाय तो चालू सप्ताह में प्रतिदिन 2500 से 2700 रोगी, ओपीडी में स्वास्थ्य परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। इन आंकड़ों में इमरजेन्सी सेवाओं की संख्या भी शामिल है।
इंसेट-
पिछले 5 वर्षों के दौरान यूं बढ़ा ओपीडी का ग्राफ
वर्ष 2021- कुल ओपीडी- 4, 90, 495
वर्ष 2022- कुल ओपीडी- 6, 20, 654
वर्ष 2023- कुल ओपीडी- 6, 80, 075
वर्ष 2024- कुल ओपीडी- 7, 42, 963
वर्ष 2025- कुल ओपीडी- 7, 89, 187
5 वर्षों में कुल ओपीडी संख्या- 33, 23, 374
इंसेट-
आईपीडी में भी आया उछाल, 5 सालों में 3.09 लाख रोगी हुए भर्ती
वर्ष 2021- कुल भर्ती रोगी- 46, 492
वर्ष 2022-कुल भर्ती रोगी- 57, 628
वर्ष 2023- कुल भर्ती रोगी- 62, 363
वर्ष 2024- कुल भर्ती रोगी- 68, 855
वर्ष 2025- कुल भर्ती रोगी- 74, 156
पिछले 5 वर्षों में कुल भर्ती रोगी- 3, 09, 494
इंसेट-
’’ओपीडी सेवाओं के माध्यम से हम राज्य में सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। मौजूदा समय में संस्थान में दैनिक तौर पर 36 से अधिक विभागों की ओपीडी संचालित हो रही हैं। इनमें जनरल ओपीडी के अलावा विभिन्न विभागों की सुपरस्पेशिलिटी ओपीडी सेवाएं भी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन कई विभागों के आफ्टरनून क्लीनिक भी संचालित कर रहा है। इन सुविधाओं से प्रतिदिन हजारों रोगी स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
——प्रो. बी. सत्या श्री, चिकित्सा अधीक्षक, एम्स ऋषिकेश।
इंसेट-
भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से एम्स ऋषिकेश एक मानक संस्थान के रूप में अपनी विशिष्ट पहिचान बना चुका है। रोगी का भरोसा और उम्मीद हमारे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को लगातार बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है। ओपीडी सेवाओं का उद्देश्य रोगियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। संस्थान द्वारा तकनीक आधारित टेलिमेडिसिन ओपीडी सेवा भी संचालित की जा रही है। इससे दैनिक तौर पर दूर-दराज के हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
—–प्रो. मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक, एम्स ऋषिकेश।





