अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमका भारतीय आयुर्वेद: अमेरिका में उत्तराखंड का गौरव बढ़ाने वाले आयुर्वेदाचार्य डॉ. डीके श्रीवास्तव को मिला ‘बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ सम्मान-Newsnetra
ऋषिकेश। उत्तराखंड की योगनगरी ऋषिकेश के आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. डीके श्रीवास्तव को आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके 28 वर्षों के उत्कृष्ट योगदान, शोध आधारित सेवाओं और वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के लिए अमेरिका में प्रतिष्ठित “बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान न्यूयॉर्क, संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया।

डॉ. श्रीवास्तव पिछले तीन सप्ताह से अमेरिका के न्यू जर्सी और न्यूयॉर्क में आयुर्वेद के विकास एवं प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न इंटरव्यू, पॉडकास्ट और कार्यशालाओं में भाग ले रहे थे। इसी दौरान उन्हें यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।इस उपलब्धि को उत्तराखंड और देश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है
उल्लेखनीय है कि डॉ. श्रीवास्तव ने बीते दो दशकों में स्विट्ज़रलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, हॉलैंड, हंगरी, स्पेन, फ्रांस, स्वीडन, रूस, अमेरिका, स्लोवाकिया और सिंगापुर सहित अनेक देशों में कार्यशालाओं, व्याख्यानों एवं उपचार कार्यक्रमों के माध्यम से आयुर्वेद का व्यापक प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। ऋषिकेश स्थित अपने चिकित्सालय में भी जटिल एवं असाध्य रोगियों का सफल उपचार कर आयुर्वेद की प्रभावशीलता और वैज्ञानिक विश्वसनीयता को मजबूत किया है। डॉ. श्रीवास्तव उत्तराखंड राज्य भारतीय चिकित्सा परिषद में उपाध्यक्ष (संकाय) के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के डीकेपीपी कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड राज्य समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. डीके श्रीवास्तव ने कहा जब भारत का आयुर्वेद अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मानित होता है तो ऐसा लगता है जैसे ऋषियों की परंपरा आज भी जीवित है। यह सम्मान आयुर्वेद की शक्ति और उसकी सार्वभौमिक उपयोगिता का सम्मान है।





