जीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (RCM) को समझें: किन सेवाओं पर लागू होता है और कैसे मिलता है ITC का लाभ-Newsnetra
जीएसटी में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म (Reverse Charge Mechanism – RCM) के अंतर्गत कुछ विशेष सेवाओं एवं मामलों में जीएसटी का भुगतान सेवा प्रदाता के बजाय सेवा प्राप्तकर्ता (Recipient) द्वारा किया जाता है।
RCM किन सेवाओं पर लागू होता है?
व्यक्तिगत अधिवक्ता या अधिवक्ताओं की फर्म द्वारा किसी व्यावसायिक संस्था (Business Entity) को प्रदान की गई सेवाएँ।
Goods Transport Agency (GTA) द्वारा माल परिवहन की सेवाएँ।
Arbitral Tribunal द्वारा Business Entity को प्रदान की गई सेवाएँ।
Sponsorship Services जो किसी Business Entity को प्रदान की जाती हैं।
कंपनी के निदेशक द्वारा कंपनी को दी गई सेवाएँ (जो कर्मचारी के रूप में न हों)।
Insurance Agent द्वारा बीमा कंपनी को प्रदान की गई सेवाएँ।
Recovery Agent द्वारा बैंक, वित्तीय संस्थान अथवा NBFC को प्रदान की गई सेवाएँ।
Security Agency द्वारा पंजीकृत व्यक्ति (Registered Person) को प्रदान की गई सुरक्षा सेवाएँ (अधिसूचित शर्तों के अनुसार)।
अधिसूचित परिस्थितियों में Body Corporate को मोटर वाहन किराये पर देने की सेवाएँ।
जब आवासीय मकान किसी Registered Person को व्यावसायिक उपयोग के लिए किराये पर दिया जाता है।
अधिसूचित परिस्थितियों में लेखक, संगीतकार, कलाकार आदि द्वारा प्रदान की गई सेवाएँ।
रियल एस्टेट क्षेत्र में अधिसूचित विशेष मामले।
RCM के तहत जमा किए गए GST का क्या लाभ है?
✅ यदि कोई Registered Person RCM के अंतर्गत जीएसटी का भुगतान करता है, तो वह निर्धारित शर्तों के अधीन उस कर की Input Tax Credit (ITC) का दावा कर सकता है।
✅ अर्थात, RCM के तहत जमा किया गया जीएसटी सामान्यतः व्यवसाय के लिए अतिरिक्त लागत नहीं बनता, बल्कि पात्रता होने पर ITC के रूप में उपलब्ध हो जाता है।
✅ ध्यान दें: ITC तभी उपलब्ध होगी जब—
जीएसटी का भुगतान Cash Ledger के माध्यम से किया गया हो।
CGST Act, 2017 की धारा 16 में निर्धारित सभी शर्तें पूरी की गई हों।
संदेश:
समय पर RCM की पहचान करें, सही तरीके से GST का भुगतान करें और उपलब्ध ITC का लाभ लेकर अनावश्यक कर भार से बचें।





