राशियों के लिए अंकों का महत्व: किस राशि पर किस अंक का प्रभाव ? – आचार्य जगदीश प्रसाद उनियाल प्राचार्य, श्री काशी विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय, उत्तरकाशी-Newsnetra
राशियों के लिए अंकों का महत्व
अंक ज्योतिष के अनुसार किस राशि पर पड़ता है किस अंक का प्रभाव?
आचार्य जगदीश प्रसाद उनियाल
प्राचार्य, श्री काशी विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय, उत्तरकाशी
न्यूज नेत्र | 30 जुलाई 2026 | गुरुवार
भारतीय ज्योतिष में ग्रह, राशि और नक्षत्र जितने महत्वपूर्ण माने गए हैं, उतना ही महत्व अंक ज्योतिष (Numerology) का भी है। अंक केवल गणना का माध्यम नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक अंक एक विशेष ग्रह की ऊर्जा और कंपन का प्रतिनिधित्व करता है। जन्मतिथि से प्राप्त मूलांक व्यक्ति के स्वभाव, व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता, स्वास्थ्य, व्यवसाय तथा जीवन की दिशा पर प्रभाव डालता है। जब किसी व्यक्ति की राशि और उसके अनुकूल अंक एक-दूसरे के साथ सामंजस्य स्थापित करते हैं, तब सफलता, उन्नति और सौभाग्य के अवसर बढ़ जाते हैं।
राशि और उनके शुभ अंक
♈ मेष (Aries)
स्वामी ग्रह : मंगल
प्रमुख शुभ अंक : 9, 1, 3
♉ वृषभ (Taurus)
स्वामी ग्रह : शुक्र
प्रमुख शुभ अंक : 6, 2, 9
♊ मिथुन (Gemini)
स्वामी ग्रह : बुध
प्रमुख शुभ अंक : 5, 3, 6
♋ कर्क (Cancer)
स्वामी ग्रह : चन्द्रमा
प्रमुख शुभ अंक : 2, 7, 1
♌ सिंह (Leo)
स्वामी ग्रह : सूर्य
प्रमुख शुभ अंक : 1, 3, 9
♍ कन्या (Virgo)
स्वामी ग्रह : बुध
प्रमुख शुभ अंक : 5, 6, 2
♎ तुला (Libra)
स्वामी ग्रह : शुक्र
प्रमुख शुभ अंक : 6, 5, 9
♏ वृश्चिक (Scorpio)
स्वामी ग्रह : मंगल
प्रमुख शुभ अंक : 9, 1, 2
♐ धनु (Sagittarius)
स्वामी ग्रह : बृहस्पति
प्रमुख शुभ अंक : 3, 9, 1
♑ मकर (Capricorn)
स्वामी ग्रह : शनि
प्रमुख शुभ अंक : 8, 4, 6
♒ कुम्भ (Aquarius)
स्वामी ग्रह : शनि
प्रमुख शुभ अंक : 8, 4, 7
♓ मीन (Pisces)
स्वामी ग्रह : बृहस्पति
प्रमुख शुभ अंक : 3, 7, 2
अंकों के ग्रह स्वामी
1 – सूर्य : नेतृत्व, आत्मविश्वास, सम्मान
2 – चन्द्रमा : संवेदनशीलता, कल्पनाशीलता, शांति
3 – बृहस्पति : ज्ञान, धर्म, शिक्षा, समृद्धि
4 – राहु : नवीनता, संघर्ष, परिवर्तन
5 – बुध : बुद्धिमत्ता, व्यापार, संचार
6 – शुक्र : सौंदर्य, प्रेम, ऐश्वर्य, कला
7 – केतु : आध्यात्म, शोध, अंतर्ज्ञान
8 – शनि : कर्म, अनुशासन, न्याय, धैर्य
9 – मंगल : साहस, ऊर्जा, पराक्रम
विशेष संदेश
राशि और अंक दोनों जीवन की संभावनाओं को समझने के महत्वपूर्ण साधन हैं, किंतु इन्हें भाग्य का अंतिम निर्णय नहीं माना जाना चाहिए। उचित कर्म, सदाचार, सकारात्मक सोच और ईश्वर में आस्था ही वास्तविक सफलता का आधार हैं। यदि व्यक्ति अपने मूलांक और राशि के अनुरूप निर्णय लेता है, तो जीवन में संतुलन, आत्मविश्वास और प्रगति के अवसर बढ़ सकते हैं।
— आचार्य जगदीश प्रसाद उनियाल
प्राचार्य, श्री काशी विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय, उत्तरकाशी
न्यूज नेत्र | 30 जुलाई 2026 | गुरुवार





