दुष्कर्म की बढ़ती घटनाएं समाज के लिए चेतावनी, परिवार से डिजिटल मंचों तक जवाबदेही जरूरी: रवि मैंदोला-Newsnetra
“बच्चों को तकनीक देने के साथ सम्मान, सहमति और जिम्मेदारी की समझ देना जरूरी”
देहरादून, 10 सितंबर 2026।
देश में महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म एवं यौन अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर डिजिटल योर लाइफ, देहरादून के संस्थापक रवि मैंदोला ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों, प्रशासन और डिजिटल समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है।

मैंदोला ने कहा कि किसी भी दुष्कर्म के लिए जिम्मेदारी पूरी तरह अपराधी की है। पीड़िता के कपड़े, व्यवहार या सोशल मीडिया गतिविधि को अपराध का कारण बताना गलत है। हालांकि, बच्चों और युवाओं की सोच को प्रभावित करने वाले सामाजिक और डिजिटल वातावरण पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कम उम्र में मोबाइल और इंटरनेट तक पहुंच तथा सोशल मीडिया पर उपलब्ध अश्लील, हिंसक और महिलाओं को वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने वाली सामग्री युवाओं की सोच को प्रभावित कर सकती है।
«“सोशल मीडिया अपराध का अकेला कारण नहीं है, लेकिन गलत डिजिटल सामग्री अपरिपक्व मानसिकता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए बच्चों को स्मार्टफोन देने के साथ डिजिटल संस्कार देना भी जरूरी है।”»
माता-पिता और शिक्षण संस्थानों की भूमिका अहम
रवि मैंदोला ने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला परिवार है। माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी संगति, व्यवहार और डिजिटल गतिविधियों पर ध्यान दें तथा सम्मान, सहमति, व्यक्तिगत सीमाओं और ऑनलाइन सुरक्षा पर खुलकर संवाद करें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और लैंगिक संवेदनशीलता पर भी काम करें। विद्यार्थियों को रिश्तों में सहमति, समानता और व्यक्तिगत मर्यादा का महत्व समझाया जाए तथा यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए सुरक्षित और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित हो।
प्रशासन की जवाबदेही तय हो
मैंदोला ने कहा कि अपराध रोकने के लिए जागरूकता जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी कानून का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन भी है। दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन और पुलिस से मांग की कि ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, साक्ष्यों का सुरक्षित संकलन, पीड़िता की सुरक्षा और कानून के अनुसार शीघ्र न्याय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी पीड़िता और उसके परिवार के लिए न्याय की प्रक्रिया को और कठिन बनाती है।
«“कानून तभी प्रभावी माना जाएगा, जब अपराधी को कार्रवाई का भय और पीड़ित को न्याय का विश्वास हो। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल मामला दर्ज करने तक नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच को समय पर आगे बढ़ाकर न्याय सुनिश्चित करने तक है।”»
डिजिटल मंचों की भी जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया मंचों को विशेषकर नाबालिगों की सुरक्षा, आपत्तिजनक सामग्री और साइबर उत्पीड़न के मामलों में अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
समाज से अपील
रवि मैंदोला ने माता-पिता, शिक्षकों, युवाओं और नागरिकों से अपील की कि वे ऐसे अपराधों के प्रति उदासीन न रहें। पीड़िता को दोष देने के बजाय उसका साथ दें और किसी अपराध या उत्पीड़न की जानकारी होने पर उचित कानूनी माध्यम से तत्काल सूचना दें।
«“हमें अपराध के बाद केवल आक्रोश व्यक्त करने वाला नहीं, बल्कि अपराध से पहले उसे रोकने वाला समाज बनना होगा। परिवार संस्कार दे, शिक्षण संस्थान संवेदनशीलता सिखाएं, डिजिटल मंच जिम्मेदारी निभाएं और प्रशासन बिना विलंब न्याय की प्रक्रिया सुनिश्चित करे—तभी सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।”»
रवि मैंदोला
संस्थापक — डिजिटल योर लाइफ
देहरादून, उत्तराखंड








