3 दिन तक भटकता रहा परिवार; पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ने छीन ली मां और जुड़वा बच्चों की जिंदगी-Newsnetra
पहाड़ों के कठिन जीवन व बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की भेंट इस बार एक गर्भवती चढ़ी है। इनोलू गांव की गर्भवती निशा को बचाने की कोशिश में उसका परिवार तीन दिन तक रामनगर से हल्द्वानी और काशीपुर तक अस्पतालों के चक्कर काटता रहा। कहीं इलाज की उम्मीद जगी तो कहीं इंतजार मिला।
छह अस्पतालों तक पहुंचने के बावजूद निशा और उसके जुड़वा बच्चों को समय पर उपचार नहीं मिल सका। आखिरकार, काशीपुर के एक निजी अस्पताल में निशा की मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद गर्भ से निकाले गए दोनों बच्चों में से एक पहले ही मृत था जबकि दूसरे ने भी कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया।
यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पहाड़ और आसपास के क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद उन खामियों पर भी बड़ा सवाल है, जिनकी कीमत मरीजों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
परिजनों के मुताबिक एक बच्चा पहले ही मृत था जबकि दूसरे ने कुछ घंटे बाद दम तोड़ दिया। करीब एक वर्ष पहले ही निशा की शादी मनोज से हुई थी जो आर्थिक रूप से कमजोर था।








