नसों और जोड़ों की समस्याओं के उपचार पर जोर, मैनुअल नर्व थेरेपी से जगी नई उम्मीद-Newsnetra
न्यूज नेत्रा, संवाददाता
हरिद्वार। नसों में दर्द, झनझनाहट, सुन्नपन और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए मैनुअल नर्व थेरेपी उपचार की एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में सामने आई है। हरिद्वार में सिंहद्वार के निकट विनायक क्लीनिक संचालित कर रहे डॉ. हेमंत जयसिंह इस तकनीक के माध्यम से मरीजों को उपचार संबंधी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उनका दावा है कि इस पद्धति से नसों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं में राहत पाने में मदद मिल सकती है। उनके पास देश के विभिन्न हिस्सों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।

क्या है मैनुअल नर्व थेरेपी?
मैनुअल नर्व थेरेपी हाथों से की जाने वाली एक विशेष फिजिकल थेरेपी तकनीक है। इसमें नसों की प्राकृतिक गतिशीलता को बेहतर बनाने के लिए नियंत्रित मूवमेंट, हल्के खिंचाव और विशेष मैनुअल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इसका उद्देश्य नसों के आसपास तनाव कम करना और उनके सामान्य कार्य में सुधार लाने में सहायता करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में मांसपेशियों का अत्यधिक कसाव, चोट, सूजन, जोड़ों की गतिशीलता में कमी और गलत पोश्चर नसों से संबंधित दर्द या अन्य लक्षणों में योगदान दे सकते हैं। ऐसे मामलों में मरीज की स्थिति का आकलन करने के बाद उपयुक्त थेरेपी से लाभ मिल सकता है।
इन समस्याओं में मिल सकती है मदद
गर्दन और कंधों में दर्द व अकड़न।
हाथों में झनझनाहट और सुन्नपन से जुड़ी कुछ समस्याएं।
पीठ और पैरों में नसों से संबंधित दर्द।
नसों की गतिशीलता में कमी।
मांसपेशियों में खिंचाव और मूवमेंट संबंधी परेशानी।
हालांकि, उपचार का परिणाम बीमारी के कारण और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। हर समस्या में यह थेरेपी समान रूप से प्रभावी नहीं होती। इसलिए उपचार से पहले योग्य चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।
मर्म चिकित्सा से भी जुड़ा है अनुभव
डॉ. हेमंत जयसिंह ने मैनुअल नर्व थेरेपी की अवधारणा विकसित करने की दिशा में कार्य किया है। उन्हें मर्म चिकित्सा का भी प्रशिक्षण प्राप्त है। उनके शैक्षणिक विवरण के अनुसार, उन्होंने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार से फार्मेसी में स्नातक की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान वर्ष 2009, 2010 और 2011 में विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त करने का भी उल्लेख उनके परिचय में किया गया है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्लिनिकल रिसर्च, बाल पोषण और अन्य चिकित्सा संबंधी विषयों में अध्ययन एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने मृत्युंजय मिशन, हरिद्वार से मर्म चिकित्सा का पाठ्यक्रम भी पूरा किया।
पुरस्कारों से भी हो चुके हैं सम्मानित
डॉ. जयसिंह के उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, मैनुअल नर्व थेरेपी की अवधारणा प्रस्तुत करने के लिए उन्हें वर्ष 2021 में भारत चिकित्सा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वर्ष 2022 में राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार, अंतरराष्ट्रीय आइकन पुरस्कार और इंडियन अचीवर पुरस्कार सहित अन्य सम्मानों का भी उल्लेख है।
बैंकॉक के विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन में रखा पक्ष
डॉ. हेमंत जयसिंह के अनुसार, उन्होंने 25 सितंबर 2026 को बैंकॉक में आयोजित विश्व स्वास्थ्य सम्मेलन में तंत्रिका तंत्र और उससे संबंधित चिकित्सा विषयों पर अपना संबोधन दिया। उनके द्वारा साझा की गई जानकारी की सराहना किए जाने का भी दावा किया गया है।
हरिद्वार में उपलब्ध हैं सेवाएं
हरिद्वार के सिंहद्वार के निकट स्थित विनायक क्लीनिक में डॉ. जयसिंह मैनुअल नर्व थेरेपी के माध्यम से मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं। नसों और मांसपेशियों से संबंधित समस्याओं के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच इस तरह की उपचार तकनीकों पर लोगों की रुचि बढ़ रही है।
चिकित्सकीय दृष्टि से यह ध्यान रखना जरूरी है कि लगातार बढ़ती मांसपेशियों की कमजोरी, गर्दन या सिर का झुकना, अथवा हाथ-पैरों की कार्यक्षमता में बदलाव होने पर केवल थेरेपी पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से उचित जांच करानी चाहिए।







