रेखा आर्या प्रकरण में फरार चल रहे गिरधारी लाल साहू से जुड़े नए तथ्य सामने आए हैं। जांच का दायरा अब गिरधारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उनके रिश्तेदार भी जांच एजेंसियों के राडार पर आ गए हैं। सामने आया है कि गिरधारी के भतीजे सतेंद्र राठौर को संबंधित कंपनी में डायरेक्टर बनाया गया था। इससे कंपनी के संचालन और प्रकरण में गिरधारी के पारिवारिक कनेक्शन की पड़ताल अहम हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी में पहले रेखा आर्या की भूमिका थी, लेकिन बाद में उन्हें हटाकर गिरधारी के भतीजे सतेंद्र राठौर को डायरेक्टर बनाया गया। डायरेक्टर के स्तर पर हुए इस बदलाव को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे कंपनी में गिरधारी के परिवार की भूमिका और उनके करीबियों के जरिये कारोबारी गतिविधियों पर नियंत्रण की संभावनाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं
गिरधारी से जुड़े संभावित ठिकानों पर तलाश
गिरधारी लाल साहू के फरार होने के बाद जांच एजेंसियां उनके ठिकानों के साथ ही उनसे जुड़े लोगों और कारोबारी नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। कंपनी में भतीजे की नियुक्ति और उससे पहले रेखा आर्या को हटाए जाने का घटनाक्रम अब जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बन सकता है। एसआईटी की ओर से पहले भी गिरधारी से जुड़े संभावित ठिकानों पर तलाश की जा चुकी है
अब कंपनी के दस्तावेजों, डायरेक्टर नियुक्ति की प्रक्रिया और संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल से इस प्रकरण की कई कड़ियां जुड़ सकती हैं। अब तक की जांच में बनखंडी रुद्राक्षधाम इन्फ्राडेवलपर प्राइवेट लिमिटेड और श्री अंबे ऑटो डीलर प्राइवेट लिमिटेड में गिरधारी के भतीजे सतेंद्र की भूमिका सामने आई है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि एसआईटी मामले की जांच कर रही है। आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे उस आधार पर कार्रवाई होगी।
जेल तक जा सकती है जांच
सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में गिरधारी की एक और करीबी युवती की भी भूमिका सामने आ रही है। फिलहाल वह बरेली जेल में बंद है। प्रकरण में नए-नए तथ्य सामने आने के बाद एसआईटी की जांच का दायरा जिस तरह बढ़ रहा है उससे माना जा रहा है कि ये युवती भी जांच के दायरे में आ सकती है। टीमें जेल में बंद इस युवती से भी पूछताछ कर सकती हैं