उत्तराखंड में हिमस्खलन की आशंका, संवेदनशील जिलों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश-Newsnetra
उत्तराखंड में वर्षा और बर्फबारी के बाद हिमस्खलन की आशंका बढ़ गई है। रक्षा भूसूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन सचिव ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे संवेदनशील जिलों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। नागरिकों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
रक्षा भूसूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई), चंडीगढ़ ने शनिवार शाम पांच बजे तक उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की आशंका व्यक्त की है। इसे देखते हुए शासन सतर्क हो गया है।
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी संबंधित जिलों के प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार बर्फबारी की स्थिति में हिमस्खलन की आशंका की दृष्टि से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग व पिथौरागढ़ को डेंजर लेवल-तीन और बागेश्वर को डेंजर लेवल-दो में रखा गया है।
इसे देखते हुए इन जिलों के जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य रेखीय विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर त्वरित राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अनावश्यक यात्रा से बचें
आपदा प्रबंधन सचिव ने संवेदनशील क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों, पर्यटकों, तीर्थयात्रियों एवं पर्वतीय मार्गों पर आवागमन करने वाले लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने को कहा है।
हिमस्खलन से बचाव को सलाह
दिन व रात के समय आसपास हो रही बर्फबारी एवं हिमस्खलन संबंधी चेतावनी की नियमित लें जानकारी।
बर्फबारी या हिमस्खलन की चेतावनी के दौरान उच्च हिमालयी एवं बर्फीले क्षेत्रों में अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।
ढलानों और पुराने हिमस्खलन क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें, वहां रुकने या शिविर लगाने से बचें।
भवनों की छत से सुरक्षित ढंग से बर्फ हटाते रहें, ज्यादा बर्फ होने से छत क्षतिग्रस्त होने या दुर्घटना का अंदेशा रहता है।
यदि अत्यधिक बर्फबारी वाले क्षेत्र में ठहरे हैं तो एक-दो दिन के लिए निचले एवं अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित हो जाएं।
बर्फीले मार्गों पर चलते समय फिसलन पर विशेष ध्यान दें, उचित जूते एवं सहायक उपकरणों का प्रयोग करें।
आपातकालीन संपर्क साधन मोबाइल फोन, पावर बैंक, टार्च, प्राथमिक उपचार किट अपने पास रखें।
जिला प्रशासन द्वारा जारी किसी भी एडवाइजरी, अलर्ट अथवा प्रतिबंधों का अनुपालन करें





