रजत जयंती समारोह के प्रमुख आयोजनों में राज्य आंदोलनकारियों को आमंत्रण न मिलने पर नाराज़गी, आंदोलनकारी मंच ने कहा— राज्य निर्माण के नायकों की अनदेखी अस्वीकार्य-Newsnetra
राज्य स्थापना दिवस की रजत जयन्ती के अवसर पर गत 30-अक्टूबर से अस्थाई राजधानी मॆं विभिन्न तरह के लगातार आयोजन चल रहें। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी वेदा कोठारी एवं पुष्पलता सीलमाणा ने कहा क़ि
जिन राज्य आंदोलनकारियों की बदौलत ये राज्य बना और आज ये सब अखाड़ा जोड़ा जा रहा हैं करोड़ों खर्च हो रहें हैं उसमें अभी तक जो भी बड़े आयोजन फिर चाहें इगास हो सांस्कृति कार्यक्रम हो या विधानसभा का विशेष सत्र 25-वर्ष (रजत जयन्ती) मॆं के इन सभी अवसर पर आज की तिथि तक कोई निमंत्रण तक नहीं मिला कभी सपने मॆं भी ऐसी कल्पना नहीं की थी।
वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी द्वारिका बिष्ट एवं वरिष्ठ आंदोलनकारी शिवानन्द चमोली के साथ सुलोचना भट्ट ने कहा क़ि शासन भी नींद मॆं और स्वयं सरकार व उनके जन प्रतिनिधि भी नीदं का बहाना बनाकर राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा कर गये।
और हमारें विधायक मन्त्री महामहिम को केवल एक पुष्पगुच्छ भेंट ना कर पाने पर ही बड़ी नाराजगी एवं उपेक्षा से आहत हैं।
महामन्त्री रामलाल खंडूड़ी ने कहा क़ि सत्ता दल गौर करें और सभी वों अधिकारी एवं नेता भी यदि कोई मुख्यमन्त्री के नजदीकी सलाहकार हैं तों वों नींद से जगाये।



