हरीश रावत का बड़ा बयान, 60 वर्षों की राजनीतिक यात्रा—संघर्ष, सेवा और समर्पण की पहचान-Newsnetra
लगभग 60 वर्षों की लंबी राजनीतिक यात्रा—जिसमें संघर्ष, सेवा और समर्पण का समावेश रहा—के बाद एक वरिष्ठ नेता ने सक्रिय राजनीति से अस्थायी विराम लेने का निर्णय लिया है। बिजली-पानी की दरों में वृद्धि के विरोध में एक घंटे के मौन व्रत के पश्चात उन्होंने यह महत्वपूर्ण घोषणा की।
उन्होंने बताया कि मौन व्रत के दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करते हुए उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन के छह दशकों पर गहन चिंतन किया। इस आत्ममंथन के बाद वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अब उन्हें एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में ‘अर्जित अवकाश’ लेने का अधिकार प्राप्त है।
इसी क्रम में उन्होंने 15 दिनों तक राजनीति से पूर्णतः दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है। इस अवधि में वे न तो राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेंगे और न ही किसी राजनीतिक मुद्दे पर विचार करेंगे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान वे धार्मिक गतिविधियों, मंदिरों में पूजा-अर्चना, ईद मिलन समारोहों और अन्य सामाजिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि इन 15 दिनों के दौरान वे अपने जीवन के उन महत्वपूर्ण अनुभवों, घटनाओं और मोड़ों को लिखने और संजोने का प्रयास करेंगे, जो समय के साथ पीछे छूट गए हैं।
यह निर्णय उनके लंबे राजनीतिक जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जहां आत्मचिंतन और व्यक्तिगत अनुभवों को प्राथमिकता दी जाएगी।





