बागेश्वर में पर्यावरण संरक्षण की नई पहल: ‘जन्मदिन वाटिका’ का शुभारंभ-Newsnetra
बागेश्वर, उत्तराखंड।
हरेला पर्व के पावन अवसर पर जनपद बागेश्वर में एक अभिनव और पर्यावरण मित्र पहल की शुरुआत की गई है। जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई द्वारा नीलेश्वर परिसर में “जन्मदिन वाटिका” का शुभारंभ किया गया। इस विशेष अभियान का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में हरियाली को एक भावनात्मक और सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में जोड़ना भी है।




क्या है ‘जन्मदिन वाटिका’?
‘जन्मदिन वाटिका’ एक ऐसी परिकल्पना है जिसमें हर व्यक्ति अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाकर इस विशेष दिन को प्रकृति के साथ जोड़ेगा। यह वाटिका उन सभी लोगों के पौधों का संकलन होगी जिन्होंने अपने जीवन के खास दिन को हरियाली के रूप में संजोया। यह केवल पौधरोपण भर नहीं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का सार्वजनिक और व्यक्तिगत प्रतीक भी बनेगा।
जिलाधिकारी की प्रेरणादायक पहल
शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने स्वयं पौधरोपण कर इस पहल की शुरुआत की और जनसामान्य से अपील की कि वे भी अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्म जैसे खास पलों को इस वाटिका में पौधा लगाकर यादगार बनाएं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ पौधारोपण नहीं है, बल्कि लोगों को अपने लगाए पौधों के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ना है ताकि वे उनकी देखभाल में भी रूचि लें।
पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी
‘जन्मदिन वाटिका’ पहल स्थानीय लोगों को पर्यावरण सरंक्षण से जोड़ने का एक सरल और सशक्त माध्यम बन सकती है। यह पहल न केवल हरियाली को बढ़ावा देगी, बल्कि नागरिकों में प्रकृति के प्रति दायित्व की भावना भी विकसित करेगी। इसके साथ ही यह अभियान जनभागीदारी आधारित विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
आगे की योजना
प्रशासन की योजना है कि जिले के अन्य भागों में भी इसी तर्ज पर ‘जन्मदिन वाटिका’ की स्थापना की जाए। नगर निकाय, विद्यालय, संस्थान और स्वयंसेवी संगठन भी इसमें भागीदारी करेंगे। वाटिका में लगाए गए पौधों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और नागरिकों को उनके पौधे की वृद्धि और देखभाल की जानकारी भी समय-समय पर दी जाएगी।