उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जिला मुख्यालय पर मस्जिद हटाने की मांग को लेकर व्यापक तनाव का माहौल रहा। 24 अक्टूबर को हिंदू संगठनों की ओर से निकाले गए एक जुलूस के दौरान स्थिति उस वक्त नियंत्रण से बाहर हो गई जब पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस कदम से प्रदर्शनकारियों में आक्रोश बढ़ गया, और उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन भीड़ शांत नहीं हुई।
स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि पुलिसकर्मियों को जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा। इसके बाद भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गई। यहां भी जमकर हंगामा हुआ, और भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने मुस्लिम समुदाय की बंद दुकानों में तोड़फोड़ कर दी। लगभग चार मिनट तक चली इस पत्थरबाजी में 27 लोग घायल हो गए, जिनमें सात पुलिसकर्मी, दो महिलाएं और हिंदू नेता स्वामी दर्शन भारती शामिल हैं। एक गंभीर घायल को देहरादून के अस्पताल में रेफर किया गया है।
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर असर
इस घटना के कारण गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात दोपहर में ढाई घंटे तक बाधित रहा। यातायात को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करना पड़ा ताकि यात्रियों को सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। इस तनावपूर्ण माहौल के कारण हिंदू संगठनों के आह्वान पर उत्तरकाशी, भटवाड़ी और डुंडा बाजार भी पूरी तरह से बंद रहे।
संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संघ की चेतावनी
संयुक्त सनातन धर्म रक्षक संघ उत्तरकाशी में मस्जिद हटाने की मांग को लेकर पिछले दो महीनों से आंदोलन कर रहा है। संघ ने 24 अक्टूबर को जुलूस और प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी, जिसके परिणामस्वरूप यह टकराव हुआ।
प्रशासन ने इस घटना को लेकर स्थिति पर नज़र बनाए रखी है और सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।





