एससी/एसटी एम्प्लाईज फैडरेशन -की बैठक में जस्टिस इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग-Newsnetra
देहरादून। उत्तरांचल प्रेस क्लब में दिनांक 17 फरवरी 2026 को उत्तराखण्ड एस०सी०/एस०टी० एम्प्लाईज फैडरेशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक 16 फरवरी 2026 को निर्वाचित नई कार्यकारिणी के गठन के उपरांत आहूत की गई थी, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने व्यापक रूप से विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में अध्यक्ष श्री रघुवीर सिंह तोमर, महासचिव श्री इंजीनियर सुनीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विनोद कुमार, कोषाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह, श्रीमती सपना तोमर, श्री मनोहर लाल, श्री बबलू सिंह, डॉ० प्रदीप कुमार, सचिव बीरेन्द्र सिंह नेगी, संगठन सचिव श्री राजवीर सिंह, डॉ० सुभाष कल्याणी, महेश बन्द्र बुरियाल, मीडिया प्रभारी रोहित कुमार एवं संरक्षक श्री मदन शिल्पकार व जितेन्द्र बुटोड्या सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान फैडरेशन ने जस्टिस इरशाद हुसैन आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। पदाधिकारियों का कहना था कि आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने से संबंधित विषयों पर पारदर्शिता स्थापित होगी और कर्मचारियों में व्याप्त संशय दूर होगा।
इसके अतिरिक्त फैडरेशन ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही भर्तियों पर आपत्ति जताते हुए नियमित नियुक्तियां किए जाने की मांग की। संगठन का कहना है कि जिन पदों पर राजकीय कोष से वेतन का भुगतान किया जाता है, वहां आउटसोर्सिंग के बजाय नियमित भर्ती प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। साथ ही यह भी मांग की गई कि आउटसोर्सिंग एवं नियमित सभी प्रकार की भर्तियों में आरक्षण रोस्टर का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए।
फैडरेशन ने लंबित बैकलॉग पदों को भरने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाने की भी मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि आरक्षित वर्ग के पदों को शीघ्र भरना सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक है।
बैठक में प्रदेश में आश्रम पद्धति से संचालित हाई स्कूलों को उच्चीकृत कर इंटरमीडिएट स्तर तक किए जाने की मांग भी रखी गई। संगठन का मत था कि इससे दूरस्थ एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
बैठक के अंत में फैडरेशन ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त मांगों को लेकर संगठन निरंतर संघर्ष करेगा और आवश्यक होने पर व्यापक आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी।





