उत्तराखंड विधानसभा सत्र: ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण होगा गुलजार; 13 साल में 11वीं बार पहाड़ चढ़ी सरकार-Newsnetra
2014 से अब तक 10 बार विधानसभा सत्र हुए, लेकिन इसमें भी छह बार विधानसभा सत्र दो से तीन दिन चला।
राज्य आंदोलन के दौरान उत्तराखंड राज्य के साथ ही स्थायी राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) घोषित करना मुख्य मांग थी। आंदोलनकारियों का मानना था कि गैरसैंण भौगोलिक रूप से केंद्र में होने के कारण कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों के लिए सुलभ और विकासात्मक रूप से उपयुक्त राजधानी होगी, लेकिन गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित न कर उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया। जहां 2014 से अब तक 10 बार विधानसभा सत्र हुए, लेकिन इसमें भी छह बार विधानसभा सत्र दो से तीन दिन चला
गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में तब छह दिन चला विधानसभा सत्र
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में वर्ष 2018 में छह दिन विधान सभा सत्र चला। इसके अलावा 2021 में भी विधानसभा सत्र एक मार्च 2021 से छह मार्च 2021 तक छह दिन चला। जबकि वर्ष 2014 में तीन दिन, वर्ष 2015 में दो, वर्ष 2016 में दो, वर्ष 2017 में दो, वर्ष 2020 में पांच, 2023 में चार, वर्ष 2024 में तीन और वर्ष 2025 में दो दिन चला। विधानसभा सचिव हेम चंद्र पंत के मुताबिक वर्ष 2019 और 2022 में शून्य सत्र रहा





