बजट जारी होने के बाद भी जनपद के करीब 20 हजार बुजुर्गाें की पेंशन जारी नहीं की गई है। अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही से लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि नहीं पहुंच सकी है। इससे लोगों को दिक्कत हो रही हैं।
सरकार की ओर से समाज कल्याण विभाग के माध्यम से जनपद के एक लाख 19 हजार वृद्धजनों को वृद्धावस्था पेंशन मुहैया कराई जाती है। इन्हें 1500 रुपये मासिक दिए जाते हैं। अब हर माह पेंशन की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा रही है।
मगर जनपद के कुल पेंशनर में से 20 हजार 427 बुजुर्ग ऐसे हैं, जो बीपीएल श्रेणी के है, इसलिए, इनकी पेंशन जारी करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी राज्य सरकार को बजट दिया जाता है।वहीं, शेष की पेंशन राज्य सरकार की ओर से जारी की जाती है। केंद्र सरकार से बीपीएल श्रेणी के पेंशनरों के लिए अप्रैल और मई की सहायता राशि के लिए बजट जारी नहीं किया गया था। इस वजह से इनकी पेंशन राशि रुकी हुई थी।
बैंक खातों में पैसा नहीं आने से मायूस होकर लौट रहे लोग
केंद्र सरकार की ओर से दो सप्ताह पहले विभाग को बजट भेजा गया था। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी सुबोध शर्मा ने भी दावा किया था कि बजट मिल गया है। उसे पेंशनरों के खातों में एक सप्ताह में ट्रांसफर कर दिया जाएगा लेकिन वह अवकाश पर चले गए और कर्मचारियों की ओर से बजट की राशि बुजुर्गाें के बैंक खातों में नहीं भेजी गई है। इस कारण बुजुर्गाें को पेंशन का पैसा नहीं मिल रहा है। वह पेंशन के लिए बैंक जा रहे हैं लेकिन बैंक खातों में पैसा नहीं आने से मायूस होकर लौट रहे हैं।
मामला संज्ञान में आया है। अब तक पेंशनरों के बैंक खातों में क्यों नहीं पहुंची है इसे दिखवाया जाएगा। पेंशन को जल्द जारी कर लाभार्थियों के बैंक खातों में भिजवाया जाएगा। -संजय कुमार, निदेशक, समाज कल्याण