डॉ. बद्री प्रसाद सेमवाल: प्रांतीय कोषाध्यक्ष पद के लिए एक कर्मठ, संघर्षशील और ईमानदार उम्मीदवार-Newsnetra
डॉ बद्री प्रसाद सेमवाल प्रांतीय कोषाध्यक्ष पद के एक सशक्त दावेदार के रूप में एवम् एक शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में सबसे अग्रिम पंक्ति में खड़े हैं।
शिक्षक क्यों उन्हें चुने उसके पर्याप्त कारण हैं,
1- अपने निजी स्वार्थ को छोड़ कर प्रधानाचार्य सीधी भर्ती का डटकर विरोध किया, जबकि उस विरोध के कारण अन्तरमण्डल स्थानांतरण में विलंब हुआ। वो संगठन का निर्णय था उसे महत्ता देना जरूरी था।
2-पदोन्नति व वार्षिक स्थानांतरण के लिए सतत् संघर्ष कर रहे हैं।
3, शैक्षिक नवाचार में एक कर्मठ शिक्षक के रूप में प्रेम चंद के कई कहानियों का नाट्य रूपांतरण किया और छात्रों के द्वारा इसका मंचन भी करवाया। जिनमें मंत्र कहानी का नाट्य रूपांतरण जिससे आदर्श मूल्य स्थापित होता है। इसी के साथ पंच परमेश्वर कहानी का मंचन करवाया गया जो यह दर्शाता है कि जब हम न्याय की गद्दी पर बैठे होते हैं तो हमारी भूमिका परमेश्वर के रूप में होती। आज न्याय के देवता सही न्याय नहीं कर पा रहे हैं TET अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने सही निर्णय नहीं लिया है जब कोई विज्ञप्ति जारी होती है उसकी पात्रता उसी में निहित होती है फिर 20साल के अध्यापन कार्य करने के बाद ये TET जैसा अव्यावहारिक निर्णय सुप्रीम कोर्ट के न्याय को शोभा नहीं देता। क्या उस अध्यापक के अनुभव को नहीं आंका जाना चाहिए?
क्या आज किसी डीएम/डॉक्टर/इंजिनियर आदि से 15- 20 साल बाद कोई पात्रता परीक्षा दे पाएगा या कोई डीएम IAS की परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेगा ,फिर शिक्षकों पर ये जुल्म क्यों ?
3- अन्तर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए एक लम्बा संघर्ष इनके द्वारा किया गया है, चाहे किसी भी मंच पर , किसी भी स्तर तक जाने की बात हो आपने हजारों साथियों का नेतृत्व किया। सभी साथियों की एक मात्र आशा आपसे थी।
4-कई बार साथियों का आह्वान कर सुदूर कुमायूँ गढ़वाल क्षेत्र से देहरादून आकर आंदोलन की धार को तेज किया। सरकार मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव, विभागीय मंत्री जी से बार -बार मिलना।
5-अंततः आपका संघर्ष रंग लाया और सैकडों साथियों की वर्षों पुरानी मांग को राजकीय शिक्षक संघ के माध्यम से पूरा करवा सके।
6- L. T को स्टेट कैडर घोषित करवाना। एवम् सभी की खोयी हुई वरिष्ठता को वापिस दिलवाना भी आपका ध्येय है।
7-पुरानी पेंशन के प्रत्येक संघर्ष आंदोलन में शामिल होना एवम् सभी के हक की लड़ाई में बढ़ चढ कर प्रतिभाग करना।
8- राजकीय शिक्षक संघ के प्रत्येक आंदोलन में अपनी प्रतिभागिता सुनिश्चित करना।
ये सब बातें/ मुद्दे सभी को प्रेरित करेंगी कि डॉ० बद्री प्रसाद सेमवाल जी प्रांतीय कोषाध्यक्ष के पद के योग्य उम्मीदवार हैं।
9- इनकी कार्य शैली से लगता है कि इनका लक्ष्य शिक्षक साथियों की विभिन्न मांगों के निस्तारण के साथ साथ छात्र हित की शिक्षा के दशा को भी सुधारना है, पर ये सब तभी होगा जब शिक्षक की पदोन्नति/ स्थानांतरण/यात्रा आवश्यक/अन्य कार्मिकों के भांति वर्ष में कम से कम 30 उपार्जित अवकाश/माता- पिता के निधन पर पितृ शोक अवकाश/पुरानी पेंशन बहाली आदि।
फिर शिक्षक का केवल एक कार्य होगा पढ़ाना और उसी के मापन में शिक्षकों का मूल्यांकन।
10-ग्रीष्मकाल अवकाश या शीतावकाश में विभिन्न ट्रेनिंग/सरकार द्वारा जो भी जागरूक अभियान होते हैं वो चलाए जा सकते हैं इससे शिक्षा व्यस्था भी ठीक रहेगा छात्र हित भी निहित होगा।
छात्र पढ़ेगा और शिक्षक पढ़ाएगा।
इसमें भारत जगत गुरु भी बनेगा और देश आगे भी बढ़ेगा। इन सब उम्मीदों के लिए एक मात्र ईमानदार व्यक्तित्व डॉ बद्री प्रसाद सेमवाल। आपके मत और सहयोग ही संभव हो सकेगा।
।।जय राजकीय शिक्षक संघ।।
।।जय श्री गंगे ।।





