बारिश के बीच जुटे हजारों युवा, राहुल गांधी ने 51 मिनट तक सिर्फ पेपर लीक पर की बात, पेपर लीक पर सरकार को घेरा-Newsnetra
बारिश के पानी के बीच युवाओं से लबालब भरा पंडाल। सामने सजा हुआ एक मंच। उस पर खड़े नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी। पार्टी के सभी नेता पंडाल के साइड में। 51 मिनट का यह वन मैन शो कांग्रेस युवाओं के बीच मेगा इवेंट बनाकर लाई। शो में राहुल गांधी जहां एक शिक्षक जैसी चिंता में नजर आए तो उनके चेहरे पर पेपर लीक के पीड़ित अभिभावकों का दर्द भी नजर आया।
राहुल गांधी के इस शो को बाकायदा युवाओं पर केंद्रित करते हुए सजाया गया था। शाम को 7:52 बजे राहुल ने मंच से पेपर लीक पर बात शुरू की तो कोई भाषण नहीं दिया। उन्होंने युवाओं से जुड़ने का प्रयास करते हुए सीधे पेपर लीक के दंश पर बात की शुरुआत की। स्पष्ट कर दिया कि ये कोई राजनीति कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों की गूंज हमारी परीक्षा प्रणाली को लेकर है।
उन्होंने शिक्षक की तरह चिंता जताई कि कैसे हर साल करोड़ों घरों से आप जैसे युवा कम से कम पांच साल तक अपना सामान्य जीवन छोड़कर दिन-रात जी तोड़ मेहनत करते हैं। इसमें पूरा परिवार आपका साथ देता है। परिवार का करीब नौ लाख रुपये खर्च आता है लेकिन एक पेपर लीक उस युवा से उसका सपना छीन लेता है। 10 साल में 152 बार के हिसाब से देखें तो हर महीने देश में एक पेपर लीक होता है। आज तक पेपर लीक पर किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चार युवाओं के दर्द को मंच से सबको सुनाया।
चोर दरवाजे से पेपर लीक वालों को एंट्री
इस शो के दूसरे पहलू को देखें तो राहुल एक अभिभावक की भांति चिंतित नजर आए। अभिभावकों के तौर पर उन्होंने नीट पेपर लीक प्रकरण में आत्महत्या करने वाली रिया थापा को मंच पर बुलाकर उनका दर्द सबके सामने रखा। उन्होंने बताया कि रिया थापा के परिवार की तरह देश के 22 परिवार इस दंश को झेल रहे हैं। राहुल ने कहा, पेपर लीक आपकी मेहनत, आपका और आपके माता-पिता का अपमान है। राहुल ने बताया कि कैसे पूरा सिस्टम इस पेपर लीक में शामिल है। कोचिंग से लेकर माफिया, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से लेकर मंत्रालय तक। एक बाप की मेहनत की नौ लाख रुपये कमाई छीनकर कैसे चोर दरवाजे से पेपर लीक वालों को एंट्री दे रहे हैं।
पूरा ध्यान, पेपर लीक के दर्द से जुड़ाव पर
राहुल गांधी का यह इवेंट पूरी तरह से पेपर लीक के दर्द को युवाओं के दिलों तक पहुंचाने पर केंद्रित नजर आया। लिहाजा, यहां उस दर्द को उभारने वाले तमाम किरदार मंच पर लाए गए। सभी ने अपनी भूमिका निभाकर युवाओं से जुड़ने का प्रयास किया। शाम 8:43 बजे उन्होंने कार्यक्रम खत्म कर दिया।





