तमक नाला बना ‘काल’, 10 साल में 3 पुल तबाह, अब बैली ब्रिज भी बहा; चीन सीमा का ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे फिर संकट में-Newsnetra
चीन सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ-मलारी हाईवे पर तमक नाला प्रशासन और बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के लिए कई वर्षों से सिरदर्द बना हुआ है। इस गदेरे पर आवाजाही के लिए जो भी व्यवस्था की जाती है वह हर साल पानी में बह जाती है। पिछले दस साल में पुल तीन बार बह चुका है जबकि कई बार अस्थायी व्यवस्था भी बह चुकी है।
वर्ष 2016 में यह नाला उफान पर आया था। उस वक्त यहां बीआरओ की ओर से बनाया गया पक्का पुल क्षतिग्रस्त होकर तिरछा हो गया था। इसके बाद बीआरओ ने ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी व्यवस्था की तो कभी अस्थायी पुल बनाया जाता लेकिन हर बार आवाजाही के लिए की गई व्यवस्था एक झटके में बहती गई। बीआरओ ने फिर यहां पर पक्का पुल बनाया लेकिन पिछले साल रात को नाला उफान पर आया और इस पुल का नामोनिशान खत्म हो गया। पिछले महीने यहां पर बैली ब्रिज बनकर तैयार हुआ था जो सोमवार को तिनके की तरह बह गया। 2016 से पूर्व भी यहां पर कई बार पुल व अस्थायी व्यवस्था की जाती रही लेकिन हर बार यह नाला उसे तोड़ता रहा है।
लोगों ने वर्ष 2016 में छोड़ दिए थे घर
तमक नाले के आसपास लोगों ने आवासीय घर बना दिए थे लेकिन वर्ष 2016 में जब नाला उफान पर आया तो लोगों के घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा था। उसके बाद लोगों ने इन घरों को छोड़ दिया। अब यह घर मलबे में दफन हो चुके हैं।