देहरादून-हरिद्वार में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन वीकेंड पर चला अंतरजनपदीय चेकिंग अभियान, 180 वाहनों के चालान और 12 वाहन सीज-Newsnetra
देहरादून। सप्ताहांत में हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून की सड़कों पर बढ़ने वाली वाहनों की आवाजाही के बीच परिवहन विभाग ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बड़ा चेकिंग अभियान चलाया। शनिवार 12 सितंबर की शाम से देर रात तक चले अंतरजनपदीय अभियान में माल वाहनों और बसों की सघन जांच की गई। इस दौरान 180 वाहनों के चालान किए गए, जबकि 12 वाहनों को मौके पर ही बंद कर दिया गया।
परिवहन आयुक्त रविनाथ रमन के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का फोकस खास तौर पर बिना टैक्स, ओवरलोडिंग और जरूरी दस्तावेजों के बिना सड़क पर दौड़ रहे वाहनों पर रहा।
ऋषिकेश से दिल्ली-रुड़की मार्ग तक चला चेकिंग अभियान
परिवहन विभाग की अलग-अलग टीमों ने देहरादून और हरिद्वार जिले के कई प्रमुख मार्गों पर एक साथ कार्रवाई की। ऋषिकेश, दिल्ली-रुड़की-नारसन मार्ग, आईएसबीटी, रिस्पना, लच्छीवाला और नेपालीफार्म समेत कई स्थानों पर वाहनों की जांच की गई।
एआरटीओ प्रवर्तन ऋषिकेश रश्मि पंत की टीम ने हरिद्वार क्षेत्र में अभियान चलाकर 25 वाहनों के चालान किए।
वहीं एआरटीओ प्रवर्तन टिहरी ज्योतिशंकर मिश्रा की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में चेकिंग करते हुए 37 वाहनों के चालान किए और 5 वाहनों को बंद किया।
एआरटीओ प्रवर्तन देहरादून रत्नाकर सिंह की टीम ने रूड़की-नारसन-दिल्ली मार्ग पर कार्रवाई करते हुए 30 वाहनों के चालान किए और 4 वाहनों को बंद किया।
इसके अलावा प्रभारी एआरटीओ नेहा झा की टीम ने आईएसबीटी-रिस्पना-लच्छीवाला मार्ग पर 38 वाहनों के चालान किए।
प्रभारी एआरटीओ रूड़की कृष्ण चन्द्र पलाड़िया की टीम ने आईएसबीटी-आशारोड़ी-डाटकाली मार्ग पर चेकिंग के दौरान 17 वाहनों के चालान किए और एक वाहन को बंद किया।
वहीं परिवहन कर अधिकारी विकासनगर मुकुल मरवाल ने नेपालीफार्म मार्ग पर चेकिंग करते हुए 5 वाहनों के चालान किए।
बिना टैक्स और ओवरलोडिंग वाले वाहन सबसे ज्यादा पकड़े गए
अभियान के दौरान सामने आए आंकड़े बताते हैं कि सड़क पर नियमों की अनदेखी किस तरह जारी है। सबसे ज्यादा कार्रवाई बिना टैक्स चल रहे वाहनों के खिलाफ हुई। जांच में 42 वाहन बिना कर अदायगी के पाए गए।
इसके अलावा 29 वाहनों पर बकाया टैक्स जमा नहीं होने के कारण कार्रवाई की गई।
ओवरलोडिंग के खिलाफ भी परिवहन विभाग ने सख्ती दिखाई। क्षमता से अधिक माल या यात्रियों को ले जा रहे 34 वाहन पकड़े गए। इनमें बसों के साथ भारी माल वाहन भी शामिल रहे।
प्रदूषण, फिटनेस और परमिट के नियम भी टूटते मिले
चेकिंग के दौरान कई वाहन ऐसे भी मिले, जिनके पास जरूरी दस्तावेज तक मौजूद नहीं थे।
- 19 वाहन बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के मिले।
- 13 वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं था।
- 19 वाहन बिना वैध परमिट के संचालित पाए गए।
- 11 वाहन बिना इंश्योरेंस के सड़क पर दौड़ रहे थे।
यानी कार्रवाई सिर्फ टैक्स या ओवरलोडिंग तक सीमित नहीं रही, बल्कि वाहन की फिटनेस, प्रदूषण, परमिट और बीमा जैसे जरूरी मानकों की भी जांच की गई।
19 वाहनों का परमिट और फिटनेस निरस्त करने की संस्तुति
गंभीर नियम उल्लंघन के मामलों में परिवहन विभाग ने आगे भी सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। जांच के दौरान सामने आए मामलों के आधार पर 19 वाहनों के परमिट और फिटनेस निरस्त करने की संस्तुतिकी गई है।
इसके अलावा दूसरे राज्यों से उत्तराखंड में आए वाहनों पर भी कार्रवाई हुई। 7 बाहरी राज्यों की बसों और 5 अन्य वाहनों के खिलाफ विकासनगर और ऋषिकेश प्रवर्तन टीमों ने चालान की कार्रवाई की।
सप्ताहांत में बढ़ती आवाजाही को देखते हुए बढ़ाई गई निगरानी
आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला के मुताबिक, छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून में दूसरे राज्यों समेत बड़ी संख्या में वाहन पहुंचते हैं। ऐसे समय में बिना टैक्स और बिना वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन की आशंका भी बढ़ जाती है।
इसी को देखते हुए 12 सितंबर की रात अंतरजनपदीय चेकिंग अभियान चलाया गया। विभाग के मुताबिक यह कार्रवाई 14 सितंबर की सुबह भी जारी रहेगी।
परिवहन विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा से समझौता न हो और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों पर रोक लगे, इसके लिए आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। अब देखना होगा कि लगातार हो रही चेकिंग के बाद सड़कों पर बिना दस्तावेज, बिना टैक्स और ओवरलोडिंग वाले वाहनों की संख्या कितनी कम होती है।








