डिवाइन कॉलेज में तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, 108 विद्यार्थियों ने ली नशामुक्ति की शपथ-Newsnetra
हरिद्वार। जागृति वुमेंस कॉन्फ्रेंस हरिद्वार सोसाइटी की ओर से डिवाइन कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं पैरामेडिकल साइंसेज, श्यामपुर कांगड़ी में शनिवार को तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति जागरूकता, यूथ विंग के गठन और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर 2 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में कॉलेज के 108 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. शिखा तोमर ने विद्यार्थियों को तनाव के कारणों, लक्षणों और उससे निपटने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। PPT के माध्यम से उन्होंने तनाव की बारीकियों को सरल एवं सहज तरीके से समझाते हुए प्राणायाम, बॉक्स ब्रीदिंग और विभिन्न आसनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को A to Z तकनीक से भी अवगत कराया और कहा कि तनाव प्रबंधन की इन तकनीकों में से कम से कम एक को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।








संस्था की संस्थापक एवं सचिव मंजुला भगत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए AIWC के गौरवपूर्ण इतिहास और सामाजिक सेवा के कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने युवा छात्राओं से संस्था की यूथ विंग से जुड़कर समाजसेवा एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डिवाइन कॉलेज में यूथ विंग का औपचारिक गठन किया गया। डॉ. भावना को फैकल्टी कोऑर्डिनेटर बनाया गया है और 15 छात्राओं ने यूथ विंग की सदस्यता ग्रहण की। संस्था की सचिव डॉ. करुणा शर्मा एवं कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर ने यूथ विंग के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही छात्राओं और फैकल्टी कोऑर्डिनेटर की उपस्थिति में यूथ विंग की औपचारिक घोषणा की गई।
इसके बाद नशा मुक्ति जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. करुणा शर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में 108 छात्र-छात्राओं ने नशामुक्त जीवन जीने और समाज को नशे से मुक्त करने में अपनी भूमिका निभाने की शपथ ली।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। कॉलेज परिसर में नीम, जामुन, आम, आंवला और लीची सहित विभिन्न प्रजातियों के करीब 25 पौधे रोपे गए।










कार्यक्रम के समापन पर डॉ. करुणा शर्मा ने कॉलेज प्रशासन, फैकल्टी, स्टाफ एवं विद्यार्थियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को तनाव से मुक्त, नशे से दूर, संस्कारों से जुड़ा और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना ही ऐसे आयोजनों का उद्देश्य है। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को केवल जागरूकता का संदेश ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर मंजुला भगत, अलका शर्मा, नीरू जैन, डॉ. अलका सिंघल, वीणा कौल, उषा आर्या, डॉ. शिखा तोमर, मधु भाटिया, डॉ. मधु शर्मा, डॉ. करुणा शर्मा, रचना गुप्ता, डॉ. भावना, रोहित चौहान एवं डॉ. तृप्ति सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तृप्ति ने किया।








