अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग पर कांग्रेस का आंदोलन तेज, दुष्यंत गौतम को वापस बुलाने की उठी मांग-Newsnetra
“चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला।
जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है – उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती।
आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं।
मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं – उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।”-
राहुल गांधी

#JusticeForAnkitaBhandari
साथियों,
आप इस बात से अवगत हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अंकिता भंडारी प्रकरण में उन्हीं की पार्टी द्वारा नामजद व्यक्ति दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया है। यह नियुक्ति सीधे तौर पर उत्तराखंड की जनभावनाओं को रौंदने वाली है। साथ ही, इससे अंकिता भंडारी प्रकरण में संभावित दोषियों को बचाने के षड्यंत्र की आशंका को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्हीं की पार्टी द्वारा आरोपित किए गए व्यक्ति को राज्यपाल बनाकर कानूनी अभयदान दिए जाने की आशंका के बीच यह नियुक्ति कई राजों को पिटारे में ही बंद रखने की एक नाकाम कोशिश साबित होगी।
अंकिता भंडारी के माता-पिता आज इंडिया गेट पर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति को रद्द करने की मांग के साथ धरने पर बैठे हैं। इस मामले का संज्ञान नेता प्रतिपक्ष आदरणीय राहुल गांधी जी ने लिया। आदरणीय राहुल गांधी जी ने अंकिता के माता-पिता को ढांढस बंधाने तथा उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए तत्काल धरनास्थल पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
हम सबका यह परम कर्तव्य बनता है कि अंकिता भंडारी के माता-पिता और उत्तराखंड कांग्रेस की इस मुहिम को मजबूती प्रदान करें, ताकि दुष्यंत गौतम को तत्काल वापस बुलाने की मांग को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।
अतः मेरे समस्त वरिष्ठ नेतागण, विधायकगण, पूर्व विधायकगण, पीसीसी के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारीगण, प्रत्याशी, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष तथा तमाम ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों एवं न्याय पंचायत कमेटियों से निवेदन है कि कल शाम राज्य की प्रत्येक संगठनात्मक इकाई के स्तर पर जिला, ब्लॉक एवं न्याय पंचायत कमेटियों के साथ-साथ अर्धशहरी एवं शहरी क्षेत्रों में कैंडल मार्च, मशाल जुलूस आयोजित करें तथा दुष्यंत गौतम को वापस बुलाने की मुहिम के समर्थन में एक दीपक प्रज्वलित कर इस अभियान को अपना समर्थन दें।
मेरा कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेतागणों एवं जिला अध्यक्षों से यह भी आग्रह है कि कल दोपहर तक दिनांक 13 अक्टूबर से लेकर अब तक कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए वक्तव्यों के आधार पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करें तथा दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से वापस बुलाए जाने की मुहिम को और अधिक मजबूती प्रदान करें।
जब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल के पद से वापस नहीं बुलाया जाता, तब तक हमारी यह मुहिम मजबूती के साथ अनवरत जारी रहनी चाहिए।
आगे के कार्यक्रमों के संबंध में जल्द ही सूचित किया जाएगा।
-गणेश गोदियाल







