उत्तराखंड में शांतिपूर्ण विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राज्य ने 153 कंपनी अर्धसैनिक बल, 17 हजार होमगार्ड की मांग रखी है। ये फोर्स बाहरी राज्यों से आएगी। वहीं, इस बार बर्फबारी वाले 352 संवेदनशील बूथों पर भी चुनाव में विशेष निगरानी की योजना बनाई गई है।
चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुगम बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय और पुलिस विभाग ने व्यापक चुनावी खाका तैयार कर लिया है। राज्य के कुल 12,543 मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के साथ-साथ ईवीएम उपलब्धता, शैडो एरिया में संचार तंत्र और सुरक्षा बलों की तैनाती की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के मद्देनजर 153 कंपनी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की मांग प्रस्तावित की गई है, जबकि राज्य के पास 38 कंपनी पीएसी उपलब्ध है। राज्य पुलिस के करीब 15,000 जवान और 5,100 स्थानीय होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा बाहरी राज्यों से 17,000 होमगार्ड बुलाने की जरूरत आंकी गई है। व्यवस्थाओं में 6,000 पीआरडी व अन्य सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए जाएंगे।
260 बूथों पर नेटवर्क नहीं, वायरलेस-सैटेलाइट सेट चलेंगे
पर्वतीय और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए आयोग ने पुख्ता कम्युनिकेशन प्लान बनाया है। राज्य के 12,543 मतदान केंद्रों में से 12,017 केंद्रों पर 4-जी नेटवर्क की सुविधा पहुंच चुकी है, जबकि नेटवर्क विहीन 260 शैडो एरिया पोलिंग बूथों पर वायरलेस सेट और सैटेलाइट फोन के माध्यम से संपर्क साधा जाएगा। इसके अलावा बर्फबारी वाले 352 संवेदनशील बूथों को भी विशेष निगरानी सूची में रखा गया है।
दागी तत्वों और अवैध हथियारों पर शिकंजा
राज्य पुलिस नोडल अधिकारी के स्तर से अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई तेज कर दी गई है। 30 सितंबर तक 17,911 गैर-जमानती वारंट तामील कराए जा चुके हैं। साथ ही, प्रदेश में जारी 47,751 शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन और जमा कराने की प्रक्रिया शुरू करने के साथ अब तक 739 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। मादक पदार्थों और अवैध शराब की रोकथाम के लिए भी सघन अभियान चलाया जा रहा है।