1200 करोड़ के ऑनलाइन निवेश घोटाले में STF का बड़ा एक्शन, नवीन नेगी और कविता परमार गिरफ्तार-Newsnetra
करीब 1200 करोड़ रुपये के चर्चित ऑनलाइन निवेश घोटाले में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नवीन नेगी और कविता परमार को गिरफ्तार किया है। बोट ब्रो, बॉट अल्फा समेत अन्य ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की रकम जुटाने का आरोप है। इस नेटवर्क के तार उत्तराखंड समेत कई राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई है।
देहरादून में भी दर्ज हैं करोड़ों की ठगी के मामले
इस नेटवर्क से जुड़े धोखाधड़ी के कई मामले देहरादून में भी दर्ज हैं। रायपुर थाने में 25 करोड़ और 12 करोड़ रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में 160 से अधिक निवेशकों के प्रभावित होने की बात सामने आई थी। वहीं, क्लेमेंटटाउन थाने में एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी से 1.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है।
इस नेटवर्क से जुड़े धोखाधड़ी के कई मामले देहरादून में भी दर्ज हैं। रायपुर थाने में 25 करोड़ और 12 करोड़ रुपये की ठगी के मामले सामने आए हैं। 12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में 160 से अधिक निवेशकों के प्रभावित होने की बात सामने आई थी। वहीं, क्लेमेंटटाउन थाने में एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी से 1.55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज है।
डैशबोर्ड पर डॉलर और डिजिटल टोकन दिखाकर जीता भरोसा
आरोप है कि निवेशकों से भारतीय मुद्रा में रकम लेने के बाद उसे ऑनलाइन डैशबोर्ड पर डॉलर और डिजिटल टोकन के रूप में प्रदर्शित किया जाता था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम देकर उनका भरोसा जीता गया। इसके बाद उन्हें बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जब निवेशकों ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी बंद कर दी गई। नवीन नेगी और कविता परमार की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अब इस नेटवर्क में उनकी भूमिका, वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों के संबंधों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के संचालन को लेकर अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
आरोप है कि निवेशकों से भारतीय मुद्रा में रकम लेने के बाद उसे ऑनलाइन डैशबोर्ड पर डॉलर और डिजिटल टोकन के रूप में प्रदर्शित किया जाता था। शुरुआत में कुछ निवेशकों को मुनाफे की रकम देकर उनका भरोसा जीता गया। इसके बाद उन्हें बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। जब निवेशकों ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी बंद कर दी गई। नवीन नेगी और कविता परमार की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अब इस नेटवर्क में उनकी भूमिका, वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों के संबंधों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के संचालन को लेकर अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।






