हाईकोर्ट के बाद कांग्रेस पर भाजपा का हमला, ‘जातिगत राजनीति’ को लेकर उठाए सवाल-Newsnetra
ध्रुवीकरण की राजनीति बता रही है। भाजपा का आरोप है कि जब कांग्रेस अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण नहीं दे पा रही है, तब भी वह समाज को जातियों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
इसी प्रकरण को लेकर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने प्रदेशभर में ‘सामाजिक सौहार्द संकल्प धरना’ आयोजित किया। देहरादून, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नैनीताल, हल्द्वानी, पिथौरागढ़, टिहरी, चमोली और उत्तरकाशी समेत विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पर दलित समाज के नाम पर राजनीति करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
अब कांग्रेस के सामने राजनीतिक रूप से सबसे बड़ा सवाल यही है—जब जातिगत अपमान के दावे के समर्थन में ठोस सबूत नहीं हैं, तो आखिर किस आधार पर इस पूरे प्रकरण को दलित समाज के सम्मान से जोड़कर राष्ट्रीय मुद्दा बनाया गया? हाईकोर्ट की कार्यवाही के बाद कांग्रेस का यही नैरेटिव अब राजनीतिक बहस के केंद्र में है





