15 सीटों पर अनुसूचित जाति के प्रत्याशी उतार सकती है भाजपा, दो सामान्य सीटों पर भी दांव की तैयारी-Newsnetra
अगले विधानसभा चुनाव में प्रदेश में अनुसूचित जाति की आरक्षित 13 सीटों के अलावा दो सामान्य वर्ग की सीटों पर भी भाजपा अनुसूचित जाति के प्रत्याशी उतारकर आरक्षित दांव खेल सकती है। प्रदेश में चल रहे शुद्धिकरण विवाद को संगठन पूरी गंभीरता से ले रहा है। लिहाजा, अंदरखाने इस पर विचार किया जा रहा है कि 13 के साथ दो और मिलाकर कुल 15 प्रत्याशी अनुसूचित जाति से हों।
किस अनुसूचित जाति सीट पर कौन सी पार्टी के विधायक
| विधानसभा सीट | विधायक किस पार्टी का |
| पुरोला | भाजपा |
| थराली | भाजपा |
| घनसाली | भाजपा |
| राजपुर रोड | भाजपा |
| पौड़ी | भाजपा |
| गंगोलीहाट | भाजपा |
| बागेश्वर | भाजपा |
| सोमेश्वर | भाजपा |
| नैनीताल | भाजपा |
| बाजपुर | कांग्रेस |
| भगवानपुर | कांग्रेस |
| झबरेड़ा | कांग्रेस |
| ज्वालापुर | कांग्रेस |
इसलिए कांग्रेस के लिए अहम है शुद्धिकरण का मुद्दा
2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की कुल 1,00,86,292 आबादी में अनुसूचित जाति की आबादी 18,92,516 यानी 18.76 फीसदी है। 2017 में भाजपा ने 13 एससी आरक्षित सीटों में से 11 सीटें जीती थीं। 2022 में यह संख्या गिरकर नौ पर पहुंच गई थी। हरिद्वार जिले की तीनों एससी आरक्षित सीटें कांग्रेस के खाते में गई थी। ऊधमसिंह नगर की बाजपुर सीट भी कांग्रेस ने जीती थी।








