प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी हड़ताल पर, निजीकरण के विरोध में करेंगे प्रदर्शन-Newsnetra
हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने और पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश के बिजली कर्मचारी बृहस्पतिवार को एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान अलग-अलग जगह पर केंद्र के निजीकरण संबंधी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा
फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे। यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने और पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है।
दुबे ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई में से एक होगी। पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है।





