Google Maps ने दिखाया मौत का रास्ता, चली गई 3 लोगों की जान…-Newsnetra


गूगल मैप्स और जीपीएस जैसे नेविगेशन टूल्स ने आज हमारे जीवन को काफी आसान बना दिया है। हम में से कई लोग अनजान रास्तों पर बिना किसी झंझट के मंज़िल तक पहुँच जाते हैं। लेकिन, जब इन तकनीकी सुविधाओं में त्रुटि आ जाती है, तो इसका नतीजा खतरनाक हो सकता है। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक ऐसी ही घटना ने तीन युवाओं की जान ले ली।
हादसे का विवरण
रविवार को, तीन दोस्त बदायूं जिले के दातागंज में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ता न जानते हुए, उन्होंने अपनी कार में जीपीएस का सहारा लिया। जीपीएस ने उन्हें फरीदपुर-दातागंज मार्ग की ओर निर्देशित किया, जहां रामगंगा नदी पर बना एक पुल क्षतिग्रस्त था। इस पुल का एक हिस्सा पहले ही नदी में गिर चुका था, लेकिन इसकी जानकारी जीपीएस सिस्टम में अपडेट नहीं थी।
सुबह करीब 10 बजे, कार पुल के बीच पहुंची और अचानक से पुल समाप्त हो गया। चालक को इसका एहसास नहीं हुआ और कार सीधा 50 फीट नीचे नदी में जा गिरी। इस दर्दनाक हादसे में कार सवार तीनों युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
क्षतिग्रस्त पुल और सुरक्षा की कमी
पुलिस के मुताबिक, यह पुल इस साल की शुरुआत में बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुआ था। लेकिन न तो पुल पर कोई चेतावनी संकेत था और न ही कोई सुरक्षा अवरोध लगाया गया था। इसके कारण जीपीएस ने इसे सामान्य मार्ग के रूप में दिखाया।
सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि इस तकनीकी त्रुटि के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही भी हादसे का बड़ा कारण है।
मृतकों की पहचान
हादसे में मारे गए युवाओं की पहचान मृतकों में मैनपुरी के बिछवां निवासी अमित सिंह (38), फर्रुखाबाद के एमादपुर हीरामन निवासी अजीत कुमार (35) और उनके चचेरे भाई नितिन (30) शामिल हैं। तीनों के परिवार इस दुर्घटना से गहरे सदमे में हैं और उनका दावा है कि यह हादसा जीपीएस की गड़बड़ी के कारण हुआ।
ग्रामीणों ने दी जानकारी
हादसे के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। फरीदपुर, बरेली और दातागंज थाने की पुलिस टीमों ने मौके पर पहुंचकर शवों और कार को नदी से बाहर निकाला। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घटना की जांच जारी है।
टेक्नोलॉजी पर अंधा भरोसा क्यों है खतरनाक?
यह घटना एक चेतावनी है कि आधुनिक तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता हमें गंभीर समस्याओं में डाल सकती है। नेविगेशन टूल्स उपयोगी हैं, लेकिन इन्हें सावधानी से इस्तेमाल करने की जरूरत है। सड़क सुरक्षा संकेतों और स्थानीय जानकारी पर भी ध्यान देना चाहिए।
हादसे से सीख
- तकनीकी अपडेट: नेविगेशन सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की त्रुटियों से बचा जा सके।
- प्रशासनिक जिम्मेदारी: पुलों और सड़कों की स्थिति के बारे में चेतावनी संकेत और अवरोध लगाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।
- सावधानीपूर्ण ड्राइविंग: चालक को अनजान रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए और स्थानीय लोगों से मार्ग की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।
इस दर्दनाक घटना ने न केवल तीन जिंदगियां छीन लीं, बल्कि यह सवाल भी उठाया है कि तकनीक और प्रशासनिक खामियों के बीच आम जनता कब तक पिसती रहेगी।