हर्षिल-धराली आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आईटीबीपी व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त राहत कैंप-Newsnetra
हर्षिल-धराली आपदा के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन के प्रयास लगातार जारी हैं। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।








प्रशासन द्वारा आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों को सक्रिय किया गया है, जो दूरस्थ पर्वतीय गांवों तक पहुँचकर जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करा रही हैं। इस क्रम में डबरानी, झाला और मुखवा गांवों में सचल (मोबाइल) तथा सामान्य स्वास्थ्य राहत कैंप लगाए गए हैं।
इन कैंपों के माध्यम से आपदा से प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जाँच, आवश्यक दवाओं की आपूर्ति और प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इन कैंपों से न केवल तत्काल स्वास्थ्य जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि संक्रमण व अन्य बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आपदा के कारण प्रभावित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शीघ्र बहाल किया जाए और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को बिना किसी बाधा के चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी गाँव या बस्ती को राहत और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहने दिया जाए।
इस तरह के संयुक्त प्रयासों से उम्मीद है कि हर्षिल-धराली क्षेत्र में सामान्य जनजीवन शीघ्र बहाल होगा और स्वास्थ्य सेवाओं में स्थायी सुधार देखने को मिलेगा।