हिमगिरी बस सेवा पर अस्थायी रोक, पर्वतीय रूटों पर विवाद के बाद शनिवार को होगी अहम बैठक-Newsnetra
देहरादून। पर्वतीय रूटों पर बस संचालन को लेकर चल रहा विवाद अब प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है। देहरादून से पहाड़ी जिलों के लिए संचालित की जा रही नई ‘हिमगिरी’ एक्सप्रेस/डीलक्स बस सेवा को लेकर पुराने स्थानीय निजी बस ऑपरेटरों और हिमगिरी सेवा के स्टाफ के बीच सवारियां बैठाने और बसों के समय को लेकर लंबे समय से खींचतान की स्थिति बनी हुई थी।
विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब ऋषिकेश और रुद्रप्रयाग में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गाली-गलौज और हाथापाई से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला यात्रियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से भी जुड़ गया।
हिमगिरी सेवा पर फिलहाल अस्थायी रोक
बढ़ते विवाद को देखते हुए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) ने देहरादून से संचालित होने वाली हिमगिरी बस सेवाओं पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी है। प्रशासन का उद्देश्य पर्वतीय रूटों पर अलग-अलग बस सेवाओं के बीच टकराव की स्थिति को रोकना और यात्रियों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
11 बसों के परमिट की समीक्षा
विवाद के बीच देहरादून से पौड़ी, चमोली और रुद्रप्रयाग रूट के लिए हिमगिरी सेवा की 11 बसों के परमिट विस्तार से जुड़े संचालन की भी समीक्षा की जा रही है। इसमें यह देखा जा रहा है कि बसों का संचालन निर्धारित परमिट की शर्तों और नियमों के अनुरूप किया जा रहा था या नहीं।
शनिवार को होगी दोनों पक्षों की बैठक
विवाद के समाधान के लिए आरटीओ प्रशासन ने स्थानीय निजी बस संचालकों और हिमगिरी सेवा प्रबंधन को शनिवार को संयुक्त बैठक के लिए बुलाया है। बैठक में दोनों पक्षों की शिकायतें सुनी जाएंगी और पर्वतीय रूटों पर संचालन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होगी।
टाइम-टेबल और रोटेशन पर बनेगी व्यवस्था
बैठक में मुख्य रूप से टाइम-टेबल, बसों के बीच टाइम गैप और रोटेशन व्यवस्था को लेकर चर्चा होने की संभावना है। कोशिश होगी कि एक ही समय के आसपास कई बसों के खड़े होने से सवारियां बैठाने को लेकर प्रतिस्पर्धा और विवाद की स्थिति पैदा न हो।
इसके साथ ही यह भी तय किया जा सकता है कि अलग-अलग पर्वतीय रूटों पर कौन-सी बस किस समय चलेगी और संचालन का क्रम किस तरह रखा जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई संभव
प्रशासन की ओर से तय संचालन व्यवस्था और समयसारिणी का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। यदि जांच में नियमों या निर्धारित व्यवस्था का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित परमिट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर स्थिति में परमिट निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी संभव है।
फिलहाल हिमगिरी बस सेवा पर लगी अस्थायी रोक और शनिवार को होने वाली बैठक को विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि पर्वतीय रूटों पर बस संचालन के लिए किस तरह की नई व्यवस्था लागू की जाती है।
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