उत्तराखंड के दो खिलाड़ी दीपक सिंह रावत और गंभीर सिंह चौहान इंडिया प्रोबेबल्स में शामिल, ब्लाइंड क्रिकेट एशिया कप के लिए बढ़ीं उम्मीदें- Newsnetra
देहरादून। उत्तराखंड के लिए गर्व की खबर है। क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (CABI) द्वारा जारी 24 खिलाड़ियों की इंडिया प्रोबेबल्स सूची में उत्तराखंड के दो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों दीपक सिंह रावत और गंभीर सिंह चौहान को शामिल किया गया है। दोनों खिलाड़ियों के चयन से उत्तराखंड के खेल जगत और दृष्टि दिव्यांगजन समुदाय में खुशी की लहर है।
12 सितंबर 2026 को CABI ने बेंगलुरु स्थित अपने कार्यालय से इंडिया प्रोबेबल्स की सूची जारी की। इन 24 खिलाड़ियों में से राष्ट्रीय कोचिंग कैंप और चयन ट्रायल्स के बाद अंतिम 17 सदस्यीय भारतीय टीम का चयन किया जाएगा। खिलाड़ियों की फिटनेस, प्रदर्शन, कौशल और टीम कॉम्बिनेशन के आधार पर अंतिम टीम तय होगी।


13 नवंबर से ढाका में होगा ब्लाइंड क्रिकेट एशिया कप
ब्लाइंड क्रिकेट एशिया कप का दूसरा संस्करण 13 नवंबर 2026 से बांग्लादेश की राजधानी ढाका में खेला जाएगा। यह प्रतियोगिता टी-20 फॉर्मेट में आयोजित होगी।
CABI के चेयरमैन डॉ. महंतेश ने कहा कि एशिया कप लगभग एक दशक बाद वापस हो रहा है और भारतीय टीम इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में मजबूत दावेदारी के साथ उतरेगी। ब्लाइंड क्रिकेट एशिया कप का पहला संस्करण वर्ष 2016 में केरल के कोच्चि में आयोजित हुआ था, जिसमें भारतीय टीम ने खिताब अपने नाम किया था।
ब्लाइंड क्रिकेट टीम में होती हैं तीन कैटेगरी
ब्लाइंड क्रिकेट में खिलाड़ियों को उनकी दृष्टि क्षमता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। प्लेइंग इलेवन में सामान्यतः 4 खिलाड़ी B1, 3 खिलाड़ी B2 और 4 खिलाड़ी B3 कैटेगरी से होते हैं।
B1 श्रेणी के खिलाड़ी पूर्णतः दृष्टि दिव्यांग होते हैं, जबकि B2 और B3 श्रेणी में अल्प दृष्टि वाले खिलाड़ी शामिल होते हैं।
गंभीर पहले भी कर चुके हैं भारत का प्रतिनिधित्व
उत्तराखंड के गंभीर सिंह चौहान इससे पहले दो बार भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। गंभीर मूल रूप से चकराता के बॉयला क्षेत्र से हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, देहरादून में एम.एड. स्पेशल एजुकेशन के छात्र हैं।
वहीं, दीपक सिंह रावत के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने का यह एक बड़ा और महत्वपूर्ण अवसर है। दीपक वर्तमान में राजकीय प्राथमिक पाठशाला, गमरी मोरी, उत्तरकाशी में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। वह उत्तरकाशी के किमदार सरनौल के मूल निवासी हैं।
दीपक की प्रारंभिक शिक्षा तुलनाका में हुई, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, देहरादून से भी शिक्षा प्राप्त की।
कोच नरेश नयाल की मेहनत लाई रंग
दोनों खिलाड़ी बचपन से ही अपने कोच नरेश सिंह नयाल के मार्गदर्शन में आगे बढ़ते रहे हैं। खेल के साथ-साथ दोनों खिलाड़ियों ने कम उम्र से ही कोच के साथ ट्रेकिंग जैसी गतिविधियों में भी हिस्सा लिया और अपने आत्मविश्वास तथा क्षमता को मजबूत किया।
कोच नरेश नयाल ने दोनों खिलाड़ियों के इंडिया प्रोबेबल्स में शामिल होने पर खुशी जताई। उन्होंने इसे अपने लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि कम उम्र से खिलाड़ियों को तैयार कर उत्तराखंड और देश का नाम रोशन करने की दिशा में काम करना उनके लिए बेहद संतोषजनक है।
उत्तराखंड ब्लाइंड क्रिकेट एसोसिएशन ने जताई खुशी
उत्तराखंड से दो खिलाड़ियों के चयन पर क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड उत्तराखंड के जनरल सेक्रेटरी अमनदीप आर्य ने खुशी जताई। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों और उनके कोच नरेश सिंह नयाल को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड में ब्लाइंड क्रिकेट को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि इस तरह के चयन प्रदेश में दृष्टि दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा देंगे और उत्तराखंड में ब्लाइंड क्रिकेट को और मजबूती मिलेगी।
दोनों खिलाड़ियों के चयन से राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, उनके परिवारों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। अब सभी की निगाहें राष्ट्रीय कोचिंग कैंप और चयन ट्रायल्स पर टिकी हैं, जहां से अंतिम 17 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा होगी।
उत्तराखंड के दीपक सिंह रावत और गंभीर सिंह चौहान के इंडिया प्रोबेबल्स में शामिल होने से प्रदेश को उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर भारतीय टीम में अपनी जगह बनाएंगे और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड तथा देश का नाम रोशन करेंगे।








