माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया बीज बम अभियान सप्ताह 2026 के अवसर पर किया बीज बम संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ-Newsnetra


संवाद कार्यक्रम में राज्य के
# 13 जनपद
# 1050 विधालयों
# एक लाख से अधिक बच्चों और शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।
देहरादून।
माननीय विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बीज बम अभियान सप्ताह के अवसर पर आज वर्चुअल स्टूडियो के माध्यम से आयोजित बीज बम संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, फलदार वृक्षों के संवर्धन तथा वन्यजीव-मानव संघर्ष को कम करने के लिए एवं बीज बम के प्रचार प्रसार, जनजागरूकता बढ़ाना है।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वर्चुअल स्टूडियो के माध्यम से प्रदेश के 1,050 से अधिक विद्यालयों में किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने सहभागिता की।
अपने संबोधन में माननीय मंत्री जी ने कहा कि बीज बम अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय फलदार वृक्षों के संवर्धन, जैव विविधता के संरक्षण तथा वन्यजीव-मानव संघर्ष को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपने परिवार एवं समाज को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान करते हुए प्रत्येक विद्यार्थी से कम से कम दो बीज बम तैयार कर उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) की भावना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक उत्तरदायित्व, नेतृत्व क्षमता तथा टीम भावना का विकास करना है। विद्यार्थियों को कृषि, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता जैसी गतिविधियों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
माननीय मंत्री जी ने निर्देश दिए कि 16 जुलाई को हरेला पर्व के अवसर पर शिक्षा विभाग के सभी कार्यालयों, विद्यालयों एवं शिक्षा से जुड़े संस्थानों में “बीज बम” अभियान को व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा स्थानीय प्रजातियों के फलदार वृक्षों के बीजों को प्राथमिकता देते हुए जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने विद्यार्थियों से वन संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति जागरूक रहने तथा वन विभाग के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण के अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाने का भी आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में शिक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं, पर्यावरण एवं अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर बीज बम अभियान के प्रणेता द्वारिका प्रसाद सेमवाल ने छात्रों को बीज बम अभियान और बीज बम बनाने की विधि छात्रों को बताई गई। श्री सेमवाल ने माननीय शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत जी को धन्यवाद दिया कि उनके प्रयासों से शिक्षा से बीज बम अभियान जुड़ पाया।
पूर्व निदेशक लोक कला एवं निष्पादन केंद्र के प्रो डी आर पुरोहित ने कहा कि बीज बम अभियान को विद्यालयों से जोड़ना एक सुखद कार्य है।
पर्वतीय विकास शोध केंद्र श्रीनगर गढ़वाल के नोडल अधिकारी डॉ अरविंद दरमोड़ा ने कहा कि माननीय शिक्षा मंत्री जी की पहल पर उत्तराखंड शिक्षा विभाग के साथ बीज बम अभियान जोड़ने के लिए धन्यवाद
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक श्री विनोद सेमल्टी, बेसिक शिक्षा निदेशक श्री कुंवर सिंह रावत, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर के सेवामुक्त प्रो. डॉ. पुरोहित, श्री द्वारिका प्रसाद सेमवाल, श्री अरविंद दरमोड़ा, श्री उदय गौड़, श्री हितेश नौटियाल, श्री डी.एस. नेगी, श्री गोविंद जायसवाल (मुख्य शिक्षा अधिकारी, देहरादून) जे पी मैठाणी आगाज फाउंडेशन, आशीष सेमवाल, दीपक, रणजीत जाखी, समीर रतूड़ी सहित शिक्षा विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. बी.पी. मैन्दोली द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने “बीज बम” अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा उत्तराखंड को हरित एवं पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
बीज बम बनाने की सरल विधि
उपजाऊ मिट्टी एवं अच्छी गुणवत्ता वाले कम्पोस्ट को आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर अच्छी तरह गूंथ लें। इसके बाद उसका छोटा गोलाकार गोला बनाकर उसके भीतर स्थानीय जलवायु एवं क्षेत्र के अनुरूप दो उपयुक्त बीज रखें। तैयार बीज बमों को कम से कम चार दिनों तक छायादार स्थान पर अच्छी तरह सुखाएँ। पूरी तरह सूख जाने के बाद इन्हें पूर्व निर्धारित उपयुक्त स्थानों पर रखें या बिखेर दें। वर्षा एवं अनुकूल वातावरण मिलने पर बीज स्वतः अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं।





