रानीखेत में दिल दहला देने वाली वारदात: अग्निवीर की तैयारी कर रहे युवक की घर में घुसकर हत्या-Newsnetra


तहसील रानीखेत अंतर्गत कुंवाली क्षेत्र के ऐना गांव में शुक्रवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां घर में घुसकर सागर सिंह बिष्ट (20) की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जबकि बीच-बचाव करने आई उसकी बुआ और दादी पर भी जानलेवा हमला किया गया। मृतक सागर सिंह बिष्ट अग्निवीर (सेना) भर्ती की तैयारी कर रहा था। इस खूनी वारदात के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
परिजनों के अनुसार सागर सेना भर्ती की तैयारी के लिए रोज की तरह दौड़ लगाकर घर लौटा था। इसी बीच आरोपी जगत सिंह बोरा मोबाइल फोन ठीक कराने के बहाने उसके घर पहुंचा। जैसे ही सागर फोन देखने लगा आरोपी ने पीछे से अचानक उस पर चाकू और हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए
चीख-पुकार सुनकर ऊपरी कमरे में पहुंचे सागर की बुआ के बेटे नीरज बोरा ने बताया कि उसने करीब 7:50 बजे आरोपी जगत सिंह को हाथ में चाकू लेकर घर से भागते देखा। कमरे के भीतर सागर खून से लथपथ पड़ा था। उसका गला रेता गया था और सीने पर चाकू के कई गहरे घाव थे। पास ही उसकी 60 वर्षीय दादी साबुली (शोभा देवी) पत्नी स्व. विशन सिंह अचेत और 50 वर्षीय बुआ जानकी देवी पत्नी वीरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल पड़ी थीं।
एक महिला हल्द्वानी रेफर, अस्पताल से कोतवाली तक प्रदर्शन
दोनों घायल महिलाओं को देर रात उप जिला चिकित्सालय रानीखेत पहुंचाया गया जहां से साबुली देवी उर्फ शोभा देवी की नाजुक हालत को देखते हुए हल्द्वानी रेफर कर दिया गया। घायल जानकी देवी का रानीखेत अस्पताल में उपचार चल रहा है। शनिवार सुबह अस्पताल परिसर में ग्राम सिमोली, ऐना और तुस्यारी के ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित ग्रामीण और परिजन आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर कोतवाली पहुंच गए और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
आरोपी की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन, पांच घंटे तक चला हंगामा
शनिवार को उप जिला चिकित्सालय में मृतक के परिजन और ग्रामीण आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित हो गए। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होगी तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद आक्रोशित ग्रामीण कोतवाली पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर एसएचओ चौखुटिया और द्वाराहाट पुलिस भी मौके पर पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे।
बाद में सीओ रानीखेत भावना कैंथोला ने ग्रामीणों से वार्ता की जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। इसके बाद सभी लोग दोबारा उप जिला चिकित्सालय रानीखेत पहुंचे जहां आरोपी को फांसी देने और उसे उनके हवाले करने लगे।
इस दौरान मौके पर संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत दीक्षिता जोशी, एएसपी हरबंस सिंह, तहसीलदार दीपिका आर्या सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने पहुंच कर ग्रामीणों को काफी समझने की कोशिश की। करीब पांच घंटे तक चले समझाने-बुझाने के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। देर शाम गमगीन माहौल में सिमोली गांव स्थित श्मशान घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार किया गया।
सागर का डेढ़ माह पहले गांव आया था परिवार
सागर बिष्ट का परिवार मेरठ में रहता है। उसके पिता चंदन सिंह मेरठ में निजी नौकरी करते हैं जबकि छोटा भाई वहीं पढ़ाई करता है। गांव में उसके बड़े ताऊ किशन सिंह और छोटे ताऊ सुंदर सिंह का परिवार रहता है। परिजनों का कहना है कि डेढ़ महीने पहले पूरा परिवार गांव आया था और किसी ने नहीं सोचा था कि इतनी बड़ी त्रासदी उनका इंतजार कर रही है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपी को कठोर सजा देने और मामले की त्वरित सुनवाई की मांग उठाई है।
मिलनसार था सागर, सेना में भर्ती होकर करना चाहता था परिवार का नाम रोशन
सागर सिंह बिष्ट बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव का था। वह सेना में भर्ती होने के लिए लगातार मेहनत कर रहा था और नियमित दौड़ व शारीरिक अभ्यास करता था। महज 15 दिन पहले मेरठ से गांव आया सागर अपने सपनों को पूरा करने की तैयारी में जुटा था लेकिन एक खूनी वारदात ने उसकी जिंदगी हमेशा के लिए छीन ली।
घटना के बाद प्रधान प्रतिनिधि पर भड़के ग्रामीण, लापरवाही का लगाया आरोप
शुक्रवार देर रात हुई वारदात के बाद शनिवार को कोतवाली रानीखेत पहुंचे ग्रामीणों का गुस्सा प्रधान प्रतिनिधि ऐना पर भी फूट पड़ा। क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भैसोली किशन जलाल और ग्रामीणों ने प्रधान और प्रधान प्रतिनिधि पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का कहना था कि घटना की जानकारी मिलने के बावजूद न तो प्रधान प्रतिनिधि ने पुलिस को सूचना दी और न ही प्रधान या उनका कोई प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा। इसी दौरान प्रधान प्रतिनिधि ऐना ने कहा कि प्रधान एक महिला हैं। देर रात होने के कारण मौके पर नहीं आ सकती थीं। उनके इस बयान से ग्रामीण और अधिक आक्रोशित हो गए। कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण बन गया। बाद में मौजूद लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को शांत कराया





