औषधि निर्माण प्रक्रिया हुई डिजिटल: उत्तराखंड में निर्माताओं को ‘e-Aushadhi’ पोर्टल का दिया गया प्रशिक्षण!-Newsnetra


देहरादून: आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की डिजिटल पहल के अनुरूप, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं, उत्तराखंड द्वारा औषधि निर्माताओं और परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य लाइसेंसिंग और निर्माण संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाना है।
📋 प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
उद्देश्य: आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी औषधियों के लाइसेंस निर्गमन और निर्माण प्रक्रिया को ‘e-Aushadhi’ (e-Aushadhi.gov.in) पोर्टल के माध्यम से संचालित करना।
प्रशिक्षण का आयोजन: यह कार्यक्रम 14 जुलाई 2026 को देहरादून स्थित आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा निदेशालय के सभागार में आयोजित किया गया।
प्रमुख अधिकारी: राज्य औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार और सहायक औषधि नियंत्रक डॉ. आलोक शुक्ला की उपस्थिति में निर्माताओं को पोर्टल के संचालन, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया और अन्य आवश्यक तकनीकी जानकारी दी गई।
🏛️ इस बदलाव से क्या होगा?
पारदर्शिता: लाइसेंस प्रक्रिया के पूर्णतः ऑनलाइन होने से व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
सुगमता: अब निर्माताओं को लाइसेंस के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे; वे घर बैठे पोर्टल पर आवेदन और अन्य जरूरी कार्यवाही कर सकेंगे।
मानकीकरण: संपूर्ण उत्तराखंड में औषधि निर्माताओं और परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए एक समान और डिजिटल कार्यप्रणाली सुनिश्चित होगी।
उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को मजबूती प्रदान करती है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से औषधि निर्माताओं को नई तकनीकी व्यवस्था से जोड़ा गया है, जिससे भविष्य में न केवल निर्माण प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि दवाओं की गुणवत्ता पर भी बेहतर डिजिटल निगरानी रखी जा सकेगी।





