सोशल मीडिया के दौर में दोस्ती और प्यार के रिश्ते अब कुछ क्लिक की दूरी पर हैं। डेटिंग एप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और शादी करवाने वाली वेबसाइटों ने नए रिश्ते तलाशना आसान कर दिया है, लेकिन इनके जरिये बढ़ते साइबर अपराध और आपराधिक घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में हाल के दिनों में ऑनलाइन पहचान से शुरू हुए रिश्तों के बाद ठगी से लेकर हत्या तक के मामले सामने आ चुके हैं।
शादी के लिए ऑनलाइन रिश्ता तलाशना भी लोगों के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। देहरादून में हाल ही में एक युवती की शादी की वेबसाइट के जरिये एक युवक से पहचान हुई। युवक ने खुद को भरोसेमंद बताते हुए उसे नौकरी लगवाने का झांसा दिया। बातचीत और भरोसा बढ़ने के बाद युवक ने अलग-अलग वजह बताकर युवती से करीब 32 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी चारू चंद्र जोशी को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार कर लिया है, जो नेपाल भागने की फिराक में था।
आईफोन, डायमंड रिंग और 20 हजार अमेरिकी डॉलर का एक कीमती पार्सल भेजा
इससे पहले ऋषिकेश की रहने वाली महिला भी ऑनलाइन पहचान के बाद ठगी का शिकार हो चुकी है। महिला ने मैट्रिमोनियल (शादी) वेबसाइट पर जीवनसाथी की तलाश शुरू की थी। एक अज्ञात व्यक्ति ने विदेशी नंबर से महिला से संपर्क किया और खुद को विदेश में रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया। आरोपी ने महिला का विश्वास जीता और दावा किया कि उसने उसके लिए आईफोन, डायमंड रिंग और 20 हजार अमेरिकी डॉलर का एक कीमती पार्सल भेजा है। बाद में कस्टम ड्यूटी, क्लीयरेंस और अन्य शुल्कों के नाम पर महिला से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ऑनलाइन रिश्तों का दूसरा खतरनाक पहलू आपसी विवाद और अपराध के रूप में सामने आया। पटेलनगर क्षेत्र में डेटिंग एप ग्राइंडर के जरिये संपर्क में आए दो युवकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि एक ने दूसरे की हत्या कर दी। शुरुआती तौर पर दोनों की पहचान ऑनलाइन हुई थी। विवाद के बाद हुई हिंसक घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया कि ऑनलाइन मिलने वाले लोगों के बारे में पूरी जानकारी के बिना उन पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।
पहले ऑनलाइन पहचान, फिर भरोसा और आखिर में अपराध
अपराधियों के लिए सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म लोगों का विश्वास हासिल करने का आसान माध्यम बन रहे हैं। कई मामलों में आरोपी अपनी असली पहचान छिपाकर आकर्षक प्रोफाइल बनाते हैं। इसके बाद दोस्ती, प्रेम या शादी का रिश्ता बनाने के नाम पर भावनात्मक रूप से सामने वाले को अपने विश्वास में लेते हैं। भरोसा बनने के बाद आर्थिक मदद, नौकरी, विदेश भेजने या किसी अन्य जरूरत का हवाला देकर रकम मांगी जाती है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि ऑनलाइन पहचान को वास्तविक पहचान मान लेना सबसे बड़ा जोखिम है। शादी या डेटिंग प्लेटफॉर्म पर मिले व्यक्ति की पृष्ठभूमि की स्वतंत्र रूप से जांच किए बिना व्यक्तिगत जानकारी, दस्तावेज या रकम साझा करना नुकसानदायक हो सकता है।
रिश्ता ऑनलाइन हो तो सावधानी ऑफलाइन भी जरूरी
पुलिस लगातार लोगों से अपील करती है कि सोशल मीडिया या डेटिंग एप पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ बातचीत के आधार पर तुरंत भरोसा न करें। आर्थिक लेनदेन से बचें और सामने वाले की पहचान व पृष्ठभूमि की जांच करें। किसी भी तरह का दबाव, धमकी या संदिग्ध आर्थिक मांग सामने आने पर परिवार को जानकारी देने के साथ पुलिस से संपर्क करना चाहिए। ऑनलाइन रिश्ते की शुरुआत भले ही कुछ क्लिक से हो, लेकिन उसमें सावधानी की कमी जिंदगी भर का नुकसान कर सकती है।