60 घंटे बाद पानी की टंकी से उतरे नर्सिंग बेरोजगार, एक महीने के लिए आंदोलन स्थगित-Newsnetra
नर्सिंग बेरोजगार 60 घंटे बाद टंकी से नीचे उतरे। इसके बाद उन्हें कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजी) की ओर से मांग को पूरा करने के प्रस्ताव को शासन में भेजने के बाद बेरोजगारों ने आंदोलन एक महीने के लिए स्थगित कर दिया।
नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में करीब 160 दिनों से नर्सिंग बेरोजगार धरना दे रहे थे। जब मांगों को पूरा करने के लिए कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकल पाया। बड़ी संख्या में नर्सिंग बेरोजगार गत सोमवार सुबह करीब चार बजे परेड ग्राउंड पहुंच गए। इनमें से चार नर्सिंग बेरोजगार कविता पुंडीर, धर्मेंद्र, विनोद, आनंद पाल और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं।
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री के साथ कई दौर की वार्ता हुई लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। नर्सिंग बेरोजगारों को समर्थन देने के लिए कांग्रेस के अलावा स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड समानता पार्टी, यूकेडी और स्वराज सेवा दल के लोग भी पहुंचे। बुधवार को भावना पांडेय ने भी धरना स्थल पहुंचकर समर्थन दिया। सोमवार से मंगलवार हुआ लेकिन कोई बात नहीं बनी। बेरोजगार सिर्फ एक ही मांग पर अड़े हुए थे कि नर्सिंग भर्ती को वर्षवार करने का सरकार शासनादेश जारी करे।
मंगलवार से बुधवार आ गया लेकिन दोपहर तक कोई बात नहीं बनी। आंदोलनकारियों ने जब आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी दी तो स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने शासन को मांग पूरा करने का प्रस्ताव भेजा। इसके बाद दोपहर करीब चार बजे कांग्रेस नेता ज्योति रौतेला और चार अन्य आंदोलनकारी टंकी से नीचे उतरे। इसके बाद उन्हें फौरन कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर देर रात तक उन्हें चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया।
धरना खत्म नहीं स्थगित हुआ है
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि स्वास्थ्य महानिदेशक के लिखित आश्वासन पर धरना एक महीने के लिए स्थगित किया गया है। कागजी कार्यवाही के लिए सरकार को एक महीने का समय दिया गया है। सरकार यह बिल्कुल भी न समझे कि धरना खत्म हुआ है। धरना सिर्फ एक महीने के लिए स्थगित किया गया है। वे सभी अपनी मांगों को पूरा करवाने के बाद ही शांत बैठेंगे।
यह नेता पहुंचे धरना स्थल पर
जब आंदोलनकारी टंकी से नीचे उतरे तो वे भावुक हो गए। करीब 60 घंटे कठिन परिस्थितियों में बिताने के बाद वे नीचे उतर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व विधायक राजकुमार और अन्य आंदोलनकारियों ने उनको माला पहनाकर स्वागत किया। सभी ने आंदोलनकारियों के धैर्य और जज्बे को सलाम किया





