उत्तराखंड कूच पर निकले सैकड़ों निहंग सिखों को कुल्हाल बॉर्डर पर रोका गया, सीमाओं पर हाई अलर्ट जारी-Newsnetra
देहरादून। उत्तराखंड में निहंग सिखों से जुड़ा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मोहाली से सैकड़ों निहंग सिखों का जत्था बुधवार को उत्तराखंड के लिए रवाना हुआ, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के चलते उन्हें कुल्हाल बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों की भारी तैनाती की गई है।
प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश से लगने वाली सीमाओं पर भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन तथा व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में कर्णप्रयाग में कुछ निहंग सिखों और एक स्थानीय युवक के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे में सात निहंगों के जबरन प्रवेश करने, तोड़फोड़ करने और चार दिनों तक गुरुद्वारे पर कब्जा करने के आरोप भी सामने आए थे। बाद में पुलिस प्रशासन ने संबंधित निहंगों को पंजाब भेज दिया था।
इसी घटनाक्रम के विरोध में 25 जून को बड़ी संख्या में निहंग सिखों द्वारा उत्तराखंड कूच का ऐलान किया गया था। निहंगों का जत्था पांवटा साहिब के रास्ते उत्तराखंड की सीमा तक पहुंचा, लेकिन कुल्हाल बॉर्डर पर सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। जानकारी के अनुसार दो वाहनों को सीमा से वापस भेज दिया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई किसी विशेष समुदाय को लक्षित करने के लिए नहीं की जा रही है, बल्कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना आवश्यक सत्यापन और अनुमति के किसी भी समूह को राज्य में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
फिलहाल कुल्हाल बॉर्डर समेत संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।





