जॉर्ज एवरेस्ट की 144 हेक्टेयर जमीन लीज पर देने का विरोध, गणेश गोदियाल ने सरकार को घेरा-Newsnetra
जॉर्ज एवरेस्ट की 144 हेक्टेयर भूमि निजी कंपनी को सालाना एक करोड़ रुपये की लीज पर दिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को हाथीपांव स्थित जॉर्ज एवरेस्ट के निकट धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में नारे लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। कांग्रेस ने सरकार पर प्रदेश की बेशकीमती सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाया।
धरन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन को निजी हाथों में सौंपने का काम कर रही है। जॉर्ज एवरेस्ट की 144 हेक्टेयर भूमि बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से जुड़ी कंपनी को सालाना एक करोड़ रुपये के लीज रेंट पर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की इस बेशकीमती संपत्ति का इस्तेमाल उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इसे निजी कंपनी के हवाले कर दिया।

गोदियाल ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट को विकसित करने के लिए वित्तीय संस्था से करीब 22 से 23 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। ऐसे में महज एक करोड़ रुपये सालाना लीज रेंट से ऋण और ब्याज की भरपाई करना भी मुश्किल होगा। इसका आर्थिक बोझ अंततः प्रदेश की जनता और आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी परिसंपत्तियों को लीज पर देने और नीलाम करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में सरकारी परिसंपत्तियों से जुड़े करीब 40 मामलों को लेकर आंदोलन कर रही है, जिनमें 18 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा
जॉर्ज एवरेस्ट की 144 हेक्टेयर भूमि निजी कंपनी को सालाना एक करोड़ रुपये की लीज पर दिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को हाथीपांव स्थित जॉर्ज एवरेस्ट के निकट धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में नारे लगाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। कांग्रेस ने सरकार पर प्रदेश की बेशकीमती सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाया।
धरन को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन को निजी हाथों में सौंपने का काम कर रही है। जॉर्ज एवरेस्ट की 144 हेक्टेयर भूमि बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण से जुड़ी कंपनी को सालाना एक करोड़ रुपये के लीज रेंट पर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की इस बेशकीमती संपत्ति का इस्तेमाल उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने इसे निजी कंपनी के हवाले कर दिया।
गोदियाल ने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट को विकसित करने के लिए वित्तीय संस्था से करीब 22 से 23 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया। ऐसे में महज एक करोड़ रुपये सालाना लीज रेंट से ऋण और ब्याज की भरपाई करना भी मुश्किल होगा। इसका आर्थिक बोझ अंततः प्रदेश की जनता और आने वाली पीढ़ियों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी परिसंपत्तियों को लीज पर देने और नीलाम करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश में सरकारी परिसंपत्तियों से जुड़े करीब 40 मामलों को लेकर आंदोलन कर रही है, जिनमें 18 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा







